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(Search results - 37)
  • <p>kamal nath</p>

    NewsJun 26, 2020, 7:19 PM IST

    सत्ता गई तो फिर आमने सामने हैं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह, दिग्गी समर्थक नेता को किया संगठन से बाहर

    असल में दो साल पहले हुए विधानसभा चुनावों के बाद कमलनाथ को सीएम बनाने में दिग्विजय सिंह का हाथ था। लिहाजा ज्योतिरादित्य सिंधिया का विरोध करते कमलनाथ और दिग्विजय सिंह एक साथ आ गए। जब भी राज्य में कमलनाथ का विरोध होता तो दिग्गी राजा सामने आते। लिहाजा कमलनाथ को दिग्विजय सिंह की हर बात माननी पड़ती। लिहाजा दिग्विजय सिंह ने सरकार से लेकर संगठन में अपने लोगों को अहम पदों पर नियुक्त कर दिया था।

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    NewsDec 9, 2019, 12:24 PM IST

    महाराष्ट्र के झटके के बाद अब अब भाजपा के लिए कर्नाटक से आई अच्छी खबर, बचेगा दक्षिण का किला

    कर्नाटक में पांच दिसंबर को 15 सीटों पर उपचुनाव हुए थे। जिसमें से 13 सीटों पर आज परिणाम घोषित किए जाएंगे और इसके लिए मतगणना जारी है। हालांकि शुरूआती रूझाने भाजपा के लिए अच्छी खबर लेकर आए हैं। क्योंक 13 में 10 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। जबकि दो सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर निर्दलीय आगे चल रहा है। अगर यही रूझान परिणाम में बदलते हैं तो ये भाजपा के लिए बड़ी खबर खबर हो सकती है।

  • BSY

    NewsDec 5, 2019, 9:57 PM IST

    ईवीएम में बंद हुई कर्नाटक की भाजपा सरकार की किस्मत

    आज राज्य की 15 विधानसभा सीटों पर मतदान हो गया है। राज्य में चुनाव आयोग के मुताबिक 66.25 फीसदी वोटिंग हुई है। भाजपा ने राज्य की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। जबकि विपक्षी दलो कांग्रेस और जेडीएस ने भी अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। हालांकि इस विधानसभा चुनाव की तरह कांग्रेस और जेडीएस ने अलग अलग चुनाव लड़ा। लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है।

  • Bangal BY-election, a big setback of BJP, Tmc won in Kharagpur constituency

    NewsNov 28, 2019, 6:49 PM IST

    जानें बंगाल में दीदी ने छह महीने में कैसे बदली हार से जीत की फिजा

    फिलहाल राज्य में मिली इस हार के लिए भाजपा ने एनआरसी को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में एनआरसी को गलत तरीके से प्रचारित और प्रसारित किया है। जिसका असर उपचुनाव में पड़ा है। जिस तीन सीटों पर उपचुनाव हुए थे।

  • BJP would celebrate black day, 12 hours statewide shutdown against Mamata's government in Bengal

    NewsNov 25, 2019, 9:35 AM IST

    महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि दीदी के राज्य में भी है आज भाजपा की असल परीक्षा

    लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में पहली बार टीएमसी और भाजपा आमने सामने होंगे। ये चुनाव राज्य में काफी अहम माने जा रहे हैं। क्योंकि राज्य में स्थानीय स्तर पर दोनों की पकड़ का अंदाजा भी इसी चुनाव के परिणाम से लगाए जाएंगे। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतकर टीएमसी को बड़ा झटका दिया था। जिसके बाद राज्य में चुनावी हिंसा भी हुई थी। जिसमें कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी।

  • BJP would celebrate black day, 12 hours statewide shutdown against Mamata's government in Bengal

    NewsOct 31, 2019, 8:38 AM IST

    अगले महीने होगी शाह और ममता की टक्कर, जनता तय करेगी ‘बाहुबली’

    लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर दोनों दल आमने सामने होंगे। क्योंकि लोकसभा चुनाव में जिस तरह से भाजपा ने प्रदर्शन किया था और उसके बाद वह लगातार टीएमसी के विधायकों और नेताओं को तोड़ रही थी। उससे राज्य में भाजपा की ताकत बढ़ती ही जा रही थी।  लेकिन ये उपचुनाव दोनों दलों की जमीन को बताएंगे। क्योंकि राज्य में अभी भी टीएमसी बहुत मजबूत है। 

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    NewsOct 27, 2019, 12:01 PM IST

    कार्यकर्ताओं में जोश भरने को फिर साइकिल में पैडल मारेंगे अखिलेश

    असल में अखिलेश यादव को ये बात समझ में आ गई है कि अब आने वाले विधानसभा चुनाव में असल लड़ाई भाजपा और  सपा की है। क्योंकि उपचुनाव में जिस तरह से जनता ने नतीजे दिए हैं। वह किसी भी हाल में भाजपा के पक्ष में नहीं है। क्योंकि भाजपा सत्ताधारी पार्टी है और उसके बाद भी उसे एक सीट का नुकसान हुआ है जबकि सपा को तीन सीटें मिली हैं। उसकी कुल सीटों में दो सीटों का इजाफा हुआ है।

  • mayawati

    NewsOct 25, 2019, 8:28 AM IST

    क्या पहली बार उपचुनाव में उतरकर माया ने की गलती, गढ़ को भी नहीं बचा पाई बसपा

    बहुजन समाज पार्टी के इतिहास में मायावती ने पहली बार उपचुनाव में किस्मत को आजमाने का फैसला किया था। बसपा इससे पहले कभी उपचुनाव नहीं लड़ी बल्कि वह उपचुनाव के जरिए जनता का  मूड भांपने का काम करती थी। लेकिन पहली बार मायावती की अगुवाई में पार्टी ने राज्य की 11 सीटों पर प्रत्याशियों को उतारे। हालांकि पार्टी ये मान कर चल रही थी कि लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन का फायदा उसे मिलेगा। लेकिन बसपा को हार का सामना करना पड़ा। 

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    NewsOct 21, 2019, 7:21 AM IST

    जनता बनी भाग्य विधाता, महाराष्ट्र, हरियाणा विधानसभा चुनाव समेत 18 राज्यों की 51 सीटों के लिए मतदान शुरू

    मतदान के लिए सभी केन्द्रों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। आज होने वाले मतदान के नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इन दो राज्यों में पहले से ही भाजपा की सरकार है। लिहाजा सरकार बचाने के लिए भाजपा उतरी है। जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी राज्य में सत्ता परिवर्तन की उम्मीद लगाए हुए हैं। मतदान के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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    NewsOct 18, 2019, 7:32 PM IST

    प्रचार न करने के फैसले के बाद रामपुर में आजम की पत्नी का चुनाव प्रचार करेंगे, क्या हैं इसके मायने

    सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रामपुर विधानसभा सीट में हो रहे उपचुनाव में प्रचार करेंगे। अखिलेश यादव चुनाव प्रचार के अंतिम दिन यानी शनिवार को रामपुर पहुंचेंगे और वहां जनसभा करेंगे। वह रामपुर में आजम खान की पत्नी के लिए वोट मांगेगे। फिलहाल अखिलेश यादव के इस फैसले के बाद राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं। क्योंकि अखिलेश यादव ने पहले फैसला किया था कि वह उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे। उसके बाद अचानक रामपुर में चुनाव प्रचार करना, किसी के समझ नहीं आ रहा है।

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    NewsSep 30, 2019, 7:37 PM IST

    पहले भरा बिजली का बिल फिर किया आजम की पत्नी ने नामांकन

    पिछले दिनों आजम खान के रामपुर में स्थित हमसफर रिसार्ट में बिजली की चोरी पकड़ी गई थी। जिसके बाद बिजली विभाग ने बिजली का कनेक्शन काट दिया और आजम खान और उसके परिवार वालों पर पेनाल्टी लगा दी थी। हालांकि इसके बाद भी आजम खान के परिवार ने बिजली का बिल नहीं चुकाया था। लेकिन अब सपा ने उन्हें रामपुर से पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

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    NewsSep 30, 2019, 10:33 AM IST

    रामगोपाल और आजम की बली लेकर शिवपाल को ‘बाहुबली’ घोषित कर सकेंगे अखिलेश!

    रविवार को ही सपा के विधानसभा में नेता रामगोविद चौधरी ने बयान दिया है कि अगर शिवपाल अपनी पार्टी का सपा में विलय करा लें तो उनकी विधानसभा की सदस्यता बरकरार रह सकती है। वहीं कुछ दिन पहले अखिलेश ने खुलेतौर पर बयान दिया था कि अगर कई पार्टी में आना चाहता है तो उसका स्वागत है। जब उनसे पूछ गया कि शिवपाल को भी पार्टी में लिया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि सपा में लोकतंत्र है। ये नियम सबके लिए लागू है।

  • alliance broken in Bihar, but Sonia bowed down to maintain relationship with Lalu

    NewsSep 30, 2019, 8:53 AM IST

    बिहार में महागठबंधन टूटा, लेकिन लालू से रिश्ता बनाए रखने के लिए झुकी सोनिया

    फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार में राजद के साथ कई साल पुराने रिश्ते को बरकरार रखने का फैसला किया है। लेकिन लोकसभा चुनाव से जो महागठबंधन राज्य में बना था वह पूरी तरह से बिखर गया है। क्योंकि राज्य में होने वाले उपचुनाव में रालोसपा, वीआईपी और हम इन सीटों पर अपने अपने प्रत्याशी उतार रहे हैं। लिहाजा कांग्रेस और राजद को इन भाजपा और जदयू के साथ ही इन दलों से भी चुनौती मिलेगी। 

  • Akhilesh Yadav has refused ticket to Aperna Yadav, may fight Shivpal party symbol

    NewsSep 29, 2019, 10:14 AM IST

    फिर अखिलेश ने मुलायम को दिखाया ठेंगा, क्या बहू करेगी बगावत

    असल में कैंट सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है। हालांकि अभी तक भाजपा ने किसी को प्रत्याशी नहीं बनाया है। सपा ने यहां से मेजर आशीष चतुर्वेदी को टिकट दिया है। जबकि यहां से मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू टिकट पर दावेदारी कर रही थी। क्योंकि यहां पर 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में अपर्णा को मुलायम की सिफारिश पर अखिलेश यादव ने टिकट दिया था।

  • upa alliance parties leaders still missing from the partner rally in bihar

    NewsSep 27, 2019, 9:15 AM IST

    बिहार में बिखरा महागठबंधन, अलग-अलग लड़ेंगे साथी

    राज्य में लोकसभा चुनाव में महागठबंधन को करारी शिकस्त मिली थी। चुनाव के बाद से ही विपक्षी दलों के सुर बदल गए थे। राज्य में कांग्रेस, राजद, हम, रालोसपा और वीआईपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन महागठबंधन के खाते में एक ही सीट आई। कांग्रेस ही एकमात्र सीट पर जीत दर्ज कर सकी थी। जबकि राजद और अन्य दलों का खाता भी नहीं खुला पाया था। जिसके बाद महागठबंधन में दरार आ गई थी।