Maharastra  

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    News13, Feb 2020, 6:33 AM IST

    केजरीवाल की राह पर चली उद्धव ठाकरे सरकार

    हालांकि राज्य सरकार का ये फैसले कुछ आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा। वहीं राज्य सरकार का ये फैसले 29 फरवरी से लागू होगा।  वहीं राज्य सरकार ने पुलिस और फायर ब्रिगेड, सरकारी कॉलेजों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों, स्वच्छता श्रमिकों जैसी आवश्यक सेवाओं के तहत आने वाले कार्यालयों पर इस नए नियम को लागू नहीं किया है।

  • Raj Thackeray

    News25, Jan 2020, 11:08 AM IST

    मनसे के तेवर देख बढ़ी शिवसेना की धड़कनें, कहा पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों को निकालो

    शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को देश से बाहर निकालने का लेख लिखा है। लिहाजा इस बात को आसानी से समझा जा सकता है कि दो दिन पहले मनसे के अधिवेशन में जिस तरह के हिंदुत्व के एजेंडे पर चलने का संकल्प लिया था। लेकिन अब शिवसेना दावा कर रही है वह भी हिंदुत्व के एजेंडे पर काम रही है और वह भटकी नहीं है। जबकि सरकार गठन के वक्त कांग्रेस ने शिवसेना से साफ कहा था कि उसे अपना कट्टटर हिंदुत्व का चेहरा बदलाना होगा। जिस पर शिवसेना ने रजामंदी दी थी।

  • Raj Thackeray

    News24, Jan 2020, 7:59 AM IST

    सीएए पर केन्द्र सरकार को मिला राज ठाकरे का साथ, 9 फरवरी को करेंगे बड़ी रैली

    शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर राज ठाकरे ने पार्टी का नया झंडा लांच किया है। ये झंडा भगवा है जबकि पहले एमएनएस का झंडा चार रंगों का था। लिहाजा अब ये तय हो गया है कि राज ठाकरे अब पूरी तरह के राज्य में हिंदुत्व के एजेंडे पर काम करेंगे। उन्होंने आज दिए गए भाषण में भी ये जता दिया है कि वह राज्य से घुसपैठियों को बाहर करेंगे। जबकि कुछ समय तक राज ठाकरे भाजपा के विरोध में बयान देते रहे रहे हैं।

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    News23, Jan 2020, 2:23 PM IST

    सावरकर,भगवा और हिंदुत्व, शिवसेना को मात देने की तैयारी में राज!

    शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जयंती के मौके पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने अपने अधिवेशन की शुरूआत की। इस सम्मेलन में राज ठाकरे ने नया भगवा झंडा लॉन्च किया। वहीं उन्होंने हिंदुत्व और सावरकर की भी फोटो लगाई। जिससे इसका बात का अर्थ आसानी से समझा जा सकता है कि राज ठाकरे की पार्टी बदलने वाली है।

  • fir registered against Sonia, Priyanak & owaisi

    News28, Dec 2019, 6:31 AM IST

    हेमंत सोरेन के जरिए गांधी परिवार ने उद्धव ठाकरे को बताई हैसियत, क्या हैं कारण

    रांची में रविवार को मोरहाबादी मैदान में सोरेन सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। सोरेन राज्य के ग्यारहवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। इस समारोह में कई हस्तियों और देश के दिग्गज राजनेताओं के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है। लेकिन आम तौर पर शपथग्रहण समारोह से दूरी बनाने वाली सोनिया गांधी भी इस में हिस्सा ले सकती हैं। जबकि इस महीने महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सोनिया गांधी ही नहीं बल्कि गांधी परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ था।

  • মহারাষ্ট্র মামলায় রায় দেবে সুপ্রিম কোর্ট

    News22, Dec 2019, 12:34 PM IST

    कांग्रेस का बाद अब एनसीपी ने बढ़ाया शिवसेना पर दबाव, जानें क्या है मामला

    एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि इस कानून को लागू करने से देश में धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। उन्होंने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह देश के   मौजूदा गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए सीएएस और एनआरसी को लागू करने की बात कर रही है। पवार ने कहा कि देश के आठ अन्य राज्यों की ही तरह महाराष्ट्र में भी सरकार को इसे लागू नहीं करने का ऐलान करना चाहिए।

  • चुनावी दंगल में आमने सामने भाई-बहन-    राज्य में सबसे दिलचस्प और हाई वोल्टेज मुकाबला परली विधानसभा में देखने को मिल रहा है। भाई-बहन के बीच में होनेवाली इस लड़ाई की ओर पूरे राज्य का ध्यान है। यहां भाजपा के दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे की बेटी और मंत्री पंकजा मुंडे (बीजेपी) और चचेरे भाई धनंजय मुंडे (राकांपा) के बीच यह लड़ाई काफी रोचक है।

    News2, Dec 2019, 1:13 PM IST

    पंकजा ने सोशल मीडिया के बायो प्रोफाइल से हटाया भाजपा, बगावत की अटकलें तेज

    विधानसभा चुनाव हारने के बाद पंकजा मुडें सार्वजनिक मंचों से गायब है। पंकजा को उनके चचेरे भाई और एनसीपी के विधान मंडल के नेता धंनजय मुंडे ने विधानसभा चुनाव में शिकस्त दी है। मुंडे को एनसीपी के दिग्गज नेता माना जाता है। वहीं पंकजा पिछली फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। किसी दौर में पकंजा को राज्य में सीएम की दौड़ में आगे माना जाता था। लेकिन इस बार चुनाव में मिली हार के लिए वह पार्टी के भीतर गुटबाजी को  अहम कारण मान रही हैं।

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    News26, Nov 2019, 9:13 PM IST

    यूं ही नहीं हैं शरद पवार राजनीति के 'पॉवर सेंटर', 'चाणक्य' की बिसात का बिगाड़ा खेल

    फिलहाल महाराष्ट्र की ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में शरद पवार एक बार फिर मजबूत होकर उभर कर आए। महाराष्ट्र में अब वो सरकार शपथ लेगी, जिसके बारे में कभी सोचा भी नहीं गया था। यानी एनसीपी और कांग्रेस के साथ अब शिवसेना राज्य में सरकार बनाएगी। जबकि विचारधारा को देखते हुए तीनों दल अलग-अलग विचारधाराओं की राजनीति करते हैं। शिवसेना जहां कट्टर हिंदूवादी पार्टी मानी जाती है तो कांग्रेस खुद को सेक्युलर कहती है। जबकि एनसीपी को मराठा और अल्पसंख्यकों का समर्थन है।

  • From Citizenship Bill to opposition offensive on economic slowdown -- Winter session expected to see much heat

    News19, Nov 2019, 8:17 AM IST

    भाजपा की संसदीय दल की बैठक में आज गूंजेगा जय श्री राम

    हालांकि सोमवार से ही संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। विपक्ष केन्द्र को बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों पर घेर रही है। वहीं सत्र शुरू होने से पहले ही भाजपा को झटका मिला है। क्योंकि अभी तक उसके साथ खड़ा होने वाली शिवसेना अब सदन में विपक्षी दलों के साथ आ गई है। माना जा रहा कि कई मुद्दों पर विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है।

  • sivasena. congress. NCP ruling in Maharastrasivasena.

    News17, Nov 2019, 10:30 AM IST

    उद्धव ठाकरे की ताजपोशी पर शरद-सोनिया की बैठक का ब्रेक

    आज दिल्ली में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस की अतंरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच होने वाली बैठक टल गई है। माना जा रहा है कि शरद पवार और एनसीपी के नेताओं के महाराष्ट्र में रहने के कारण इस बैठक को टाला गया है। हालांकि राज्य में सरकार बनाने को लेकर गतिविधियां तेज हैं। 

  • Analysis: Shiv Sena's mouth burnt with its own warm milk, these 3 mistakes were heavy

    News16, Nov 2019, 8:23 AM IST

    अगले हफ्ते तक हो सकती है शिवसेना की मुराद पूरी, 50-50 के फार्मूले से कम हुई ताकत

     अभी तक शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं की आपस में बैठकें हो चुकी हैं। शिवसेना एनसीपी के जरिए कांग्रेस से बातचीत कर रही है। जबकि कांग्रेस भी इस मामले में ज्यादा तवज्जो एनसीपी को दे रही है। हालांकि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तैयार हो गया है। अब इस पर तीनों दलों के नेताओं को अपनी सहमति देकर हस्ताक्षर करने हैं। लेकिन इस पूरे प्रकरण में अगर कोई पार्टी सबसे कमजोर हुई है तो वह शिवसेना है। क्योंकि भाजपा के साथ सरकार बनाकर शिवसेना को ज्यादा विभाग मिल सकते थे।

  • NDA

    News14, Nov 2019, 1:37 PM IST

    जानें किस समिति के लिए भाजपा पर दबाव बनाने लगे हैं सहयोगी दल

    भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र के साथ ही हरियाणा में कमजोर हुई है। हालांकि हरियाणा में भाजपा ने जजपा के साथ मिलकर सरकार तो बना ली है। वहीं महाराष्ट्र में पार्टी को दो बड़े झटके लगे हैं। पहला एक तो वह राज्य में सरकार नहीं बना पाई है वहीं उसके सहयोगी शिवसेना ने उससे तीन दशक पुराना रिश्ता भी खत्म कर दिया है।  जिसके बाद भाजपा मुश्किल में है। हालांकि अभी तक राज्य में शिवसेना भी सरकार का गठन नहीं कर सकी है।

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    News13, Nov 2019, 9:21 PM IST

    ..तो इतने दिनों तक इसलिए चुप थे भाजपा के ‘चाणक्य’, खोल दी शिवसेना की पोल

    सार्वजनिक तौर से अमित शाह पिछले एक महीने से महाराष्ट्र के सियासी ड्रामे से दूर थे। यहां तक कि पिछले दिनों बातचीत के लिए उन्हें मुंबई जाना था। लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने अपना मुंबई दौरा रद्द कर दिया। क्योंकि शिवसेना के रूख में कोई नरमी नहीं दिख रही थी। लिहाजा वह बातचीत के लिए मुंबई नहीं गए। जबकि अमित शाह को विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेना था और महाराष्ट्र में सरकार के लिए शिवसेना से बातचीत करनी थी।

  • Maharashtra, Assembly Elections, Maharashtra Election Results, Shiv Sena, Sanjay Raut, BJP

    News8, Nov 2019, 6:16 PM IST

    क्या भाजपा के 'ऑपरेशन लोटस' से घबराई हुई है शिवसेना

    राज्य में नौ नवंबर तक सरकार का गठन हो जाना है। इसी बीच आज राज्य के सीएम देवेन्द्र फणनवीस ने इस्तीफा दे दिया है। जबकि राज्य में सरकार के गठन के लिए भाजपा की तरफ से की गई कोशिशें बेकार साबित हुई हैं। असल में दोनों के बीच लड़ाई का मुख्य मुद्दा सीएम का पद है। जिस पर दोनों दल दावे कर रही हैं। शिवसेना का कहना है राज्य में 50-50 का फार्मूला लागू होना चाहिए। 

  • exit poll result

    News22, Oct 2019, 7:51 AM IST

    एग्जिट पोल में भाजपा की बल्ले बल्ले, फडणवीस और खट्टर की बंपर वापसी

    मतदान समाप्त होने के बाद आए एग्जिट पोल्स के नतीजों ने भाजपा को राहत की सांस दी है। क्योंकि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार थी। लिहाजा एंटीइंकमबेंस फैक्टर हो सकता था। लेकिन मतदान के दौरान ये नहीं दिखा। इस बार महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा है जबकि पिछली बार दोनों ने अलग अलग चुनाव लड़ा था और बाद में सरकार बनाई।