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    News15, Feb 2020, 7:38 PM IST

    राजग का कुनबा बढ़ाने की तैयारी में भाजपा!

    दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद केन्द्र में मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार की  चर्चा शुरू होने लगी है। माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जदयू को केन्द्रीय कैबिनेट में शामिल कर राजग को मजबूत किया जा सकता है। ऐसा कर बिहार में भाजपा और जदयू की दोस्ती और ज्यादा मजबूत होगी। वहीं इसका फायदा चुनाव में भी मिलेगा। हालांकि पिछली बार जदयू ने कैबिनेट में शामिल होने से मना कर दिया था। 

  • prashant kishore

    News29, Jan 2020, 6:53 AM IST

    पीके से क्यों नाराज हैं 'सुशासन बाबू', बनेंगे बागी या फिर होंगे शहीद

    पीके कभी नीतीश कुमार के करीबी लोगों में शुमार थे। लेकिन अनुच्छेद 370 हटाने और फिर नागरिकता कानून को लेकर वह पार्टी के भीतर बागी  की तरह बयान देने लगे। हालांकि उससे पहले पीके की पश्चिम बंगाल के सीएम ममता बनर्जी की दूरी भी पार्टी को खटने लगी। क्योंकि पार्टी के एक धड़े को लगने लगा कि पीके पार्टी के पद को भुना  रहे हैं।

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    News23, Jan 2020, 11:16 AM IST

    सीएए पर बागियों को नीतीश की दो टूक जिसे जाना है तो जाएं, पीके को भी मिली नसीहत

    पवन वर्मा नागरिकता कानून को लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था। वह पार्टी के महासचिव हैं। पवन वर्मा ने नागरिकता कानून को लेकर पार्टी नेतृत्व पर ही सवाल उठाए थे। हालांकि नीतीश कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद जब दिल्ली में भाजपा ने जदयू के लिए दो सीटें छोड़ी तो पवन वर्मा एक बार फिर नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देने लगे।

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    News24, Dec 2019, 8:14 AM IST

    आखिर कहां हुई भाजपा के चाणक्य से गलती, दो साल में हाथ से खिसका सातवां राज्य

    पिछले एक साल के दौरान महाराष्ट्र,छत्तीसगढ़,राजस्थान,मध्य प्रदेश हाथ से निकल गए हैं और अब झारखंड बी भाजपा के साथ से निकल गया है। पिछले एक साल के दौरान ये चौथा राज्य है जहां उसे सत्ता से बेदखल होना पड़ा है।   हालांकि भाजपा के साथ से जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश भी फिसल गया था।

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    News24, Dec 2019, 7:42 AM IST

    जाने कैसे झारखंड में हार के बाद भी जीत गई भाजपा

    फिलहाल भाजपा की राज्य की सत्ता से बाहर हो चुकी है और इसका मलाल भाजपा के नेताओं को है। लेकिन इस हार के बावजूद भाजपा के लिए झारखंड एक अच्छी खबर भी है। क्योंकि इस चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। जबकि उसके सहयोगी दलों का भी वोट प्रतिशत बढ़ा है, जिन्होंने गठबंधन न होने के कारण भाजपा के खिलाफ ही चुनाव लड़ा है।

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    News12, Dec 2019, 6:37 AM IST

    जानें कैसे फिर कांग्रेस की रणनीति को फेल कर शिवसेना और बसपा ने की सरकार की मदद

    राज्यसभा में शिवसेना का स्टैंड न तो सरकार के पक्ष में था तो  विपक्ष के पक्ष था। लेकिन सदन से वॉकआउट कर उसने केन्द्र सरकार को एक तरह से मदद ही पहुंचाई। जबकि लोकसभा में इस बिल का विरोध करने वाली बसपा ने भी बिल के समर्थन में अपना वोट तो नहीं दिया लेकिन उसने भी सदन से वॉक आउट किया।

  • Jharkhand: BJP may get a shock, CM Nitish Kumar can campaign against CM Raghuvar Das

    News10, Dec 2019, 9:29 AM IST

    नीतीश कुमार की 'भीष्य प्रतिज्ञा', विरोध के बाद भी सिटीजन बिल पर खड़े रहेंगे भाजपा के साथ

    नीतीश कुमार ने नागरिकता संशोधन बिल में भाजपा का समर्थन कर किया है। जबकि तीन तलाक बिल में उन्होंने केन्द्र सरकार को समर्थन नहीं दिया था। जबकि वह राजग का हिस्सा हैं। असल में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अमित शाह को रिटर्न गिफ्ट दिया है, क्योंकि पिछले दिनों अमित शाह ने साफ किया था कि बिहार में विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे। कुछ नेताओं  के विरोध के बावजूद नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं।

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    News1, Dec 2019, 2:28 PM IST

    बिहार में शिवसेना जैसा फार्मूला लागू नहीं करेगा जदयू

    असल में महाराष्ट्र के घटनाक्रम के बाद भाजपा के सहयोगी दलों ने उसे आंख दिखानी शुरू कर दी है। महाराष्ट्र में तो उसके तीन दशक पुराने सहयोगी शिवसेना ने उससे गठबंधन तोड़कर अपने विरोधी कांग्रेस और राष्ट्रवादी पार्टी के साथ गठबंधन बनाकर सरकार का गठन किया है। वहीं झारखंड में भाजपा को अपने दम पर अकले चुनाव लड़ना पड़ रहा है। 

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    News20, Nov 2019, 7:24 AM IST

    नीतीश कुमार ने भाजपा के बागी को दिया समर्थन, एनडीए से बगावत!


    हालांकि झारखंड में पहले से ही राजग में कलह दिखाई दे रही है। क्योंकि राजग के सभी घटकदल राज्य में अकेले-अकेले चुनाव लड़ रहे हैं। चाहे लोजपा हो या फिर जदयू या फिर आजसू। सभी दलों के प्रत्याशी कांग्रेस और झामिमो के साथ ही भाजपा के प्रत्याशी के खिलाफ भी चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत भाजपा के साथ जमशेदपुर सीट पर है। 

  • sivasena dont participate  NDA meeting

    News17, Nov 2019, 6:24 PM IST

    आखिर एनडीए में क्यों सहयोगी कर रहे हैं समन्वय समिति की मांग

    असल में आज एनडीए की बैठक बुलाई गई थी। जिससे शिवसेना ने दूरी बनाकर रखी थी। लेकिन इन बैठक में एनडीए के सहयोगी लोजपा ने सभी दलों को सम्मान देने के लिए समन्वय समिति के गठन की मांग की। चिराग पासवान ने कहा कि आज की बैठक में शिवसेना नहीं थी। जिसके कारण उन्हें अच्छा नहीं लगा। उन्होंने कहा कि अब एनडीए में समन्वय समिति की जरूरत है।

  • Fadnavis will meet Shah

    News16, Nov 2019, 7:07 PM IST

    राज्यसभा में भी दिखेगा शिवसेना से संबंध टूटने का असर, कमजोर होगा एनडीए

    हालांकि उम्मीद की जा रही है अगले हफ्ते महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की सरकार बन जाएगी। जिसमें पहले ढाई साल में शिवसेना का सीएम होगी और बाकी ढाई साल एनसीपी का सीएम होगा। माना जा रहा तीन दलों के बीच सरकार को एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय हो गया है। जिसमें सीएम शिवसेना और एनसीपी का वही विधानसभा कांग्रेस का होगा।

  • Jharkhand: The alliance of BJP and AJSU alliance has been solved, the talk on this new formula

    News14, Nov 2019, 8:25 PM IST

    झारखंड में एकला चलो की राह में भाजपा, महाराष्ट्र के झटके का असर

    असल में अब राज्य में  भाजपा 80 सीटों पर ही अपने प्रत्याशी उतारेगी। जबकि भाजपा राज्य में आजसू के साथ सरकार चला रही थी। लेकिन सीटों के बंटवारों को लेकर दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई। जिसके बाद भाजपा ने राज्य में अपने बलबूते चुनाव लड़ने का फैसला किया है। 

  • NDA

    News14, Nov 2019, 1:37 PM IST

    जानें किस समिति के लिए भाजपा पर दबाव बनाने लगे हैं सहयोगी दल

    भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र के साथ ही हरियाणा में कमजोर हुई है। हालांकि हरियाणा में भाजपा ने जजपा के साथ मिलकर सरकार तो बना ली है। वहीं महाराष्ट्र में पार्टी को दो बड़े झटके लगे हैं। पहला एक तो वह राज्य में सरकार नहीं बना पाई है वहीं उसके सहयोगी शिवसेना ने उससे तीन दशक पुराना रिश्ता भी खत्म कर दिया है।  जिसके बाद भाजपा मुश्किल में है। हालांकि अभी तक राज्य में शिवसेना भी सरकार का गठन नहीं कर सकी है।

  • NDA

    News12, Nov 2019, 1:32 PM IST

    एनडीए के सहयोगी दलों में दिखने लगा है महाराष्ट्र का असर, जानें किस सहयोगी ने अब छोड़ा एनडीए का साथ

    महाराष्ट्र में भाजपा सरकार नहीं बना पाई। वहीं तीन दशक पुराने सहयोगी दल शिवसेना ने भी साथ छोड़ दिया है। शिवसेना ने पूरी तरह से एनडीए का साथ छोड़ दिया है। जबकि एलजेपी अभी केन्द्र सरकार में भाजपा की सहयोगी है। लेकिन एलजेपी ने सीटों का बंटवारा न होने के कारण अब झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। ये भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

  • BJP tragets 65+ in Jharkhand election

    News7, Nov 2019, 5:53 PM IST

    सीट बंटवारे को लेकर झारखंड में फंसा राजग में पेंच, सहयोगी मांग रहे हैं उम्मीद से दो गुनी सीट

    असल में झारखंड में लोजपा भाजपा से छह से ज्यादा सीट मांग रही हैं। राज्य में भाजपा आजसू और लोजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। वहीं कांग्रेस झामुमो के साथ मिल कर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। हालांकि किसी के बीच सीटों का बंटवारा नहीं हो सका है। वहीं भाजपा की सहयोगी लोजपा ने राज्य में छह से ज्यादा सीटों पर दावेदारी ठोकी है।