Pawan Verma  

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  • आम आदमी पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए किशोर ने AAP को "गारंटी कार्ड" योजना का आइडिया दिया। जिसमें जनता के लिए ढेरों मूलभूत चीजों को मुफ्त मुहैया करवाने का वादा किया गया है।

    News18, Feb 2020, 6:46 AM IST

    नीतीश के राज में आज अपने सियासी पत्ते खोलेंगे पीके

    राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह अपने गृह राज्य बिहार में सियासी सफर शुरू करेंगे। हालांकि पीके ने ये साफ नहीं किया है कि वह किस दल में शामिल होंगे। लेकिन माना जा रहा है कि पीके अपने सियासी गुरू नीतीश कुमार के खिलाफ बिहार में मोर्चा खोलेंगे और उन्हें मात देंगे।

  • prashant kishore

    News30, Jan 2020, 8:09 AM IST

    न जमीन न जनाधार, पीके को ले डूबी बड़ा नेता बनने की हसरत!

    आखिरकार नीतीश कुमार पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये दोनों पहले नेता हैं जिन्होंने नागरिकता कानून को लेकर नीतीश कुमार के फैसले पर सवाल उठाने शुरू किए थे। दोनों नेता पार्टी में ही  रहकर नीतीश कुमार पर विपक्षी दलों की तरह हमले कर रहे थे। जबकि नीतीश कुमार चुप थे। नीतीश कुमार को कभी प्रशांत किशोर का करीबी माना जाता है।

  • ఇప్పటికే  ప్రశాంత్ కిషోర్  బెంగాల్ సీఎం మమత బెనర్జీతో పాటు ఇతర రాష్ట్రాల్లో కూడ పలు పార్టీలతో ఒప్పందాలు చేసుకొన్నారు.ప్రశాంత్ కిషోర్ లాంటి వ్యూహాకర్త కోసం టీడీపీ నేతలు అన్వేషిస్తున్నారు. గతంలో ప్రశాంత్ కిషోర్ టీమ్ లో పనిచేసిన రాబిన్ శర్మతో టీడీపీ నేతలు సంప్రదింపులు జరిపినట్టుగా ప్రచారం సాగుతోంది.

    News30, Jan 2020, 7:52 AM IST

    अब ममता की आंख कान बनेंगे पीके, टीएमसी में जाने की अटकलें तेज

    नागरिकता कानून को लेकर जदयू ने केन्द्र की मोदी सरकार को लोकसभा और राज्य सभा में समर्थन दिया था। जिसके बाद प्रशांत किशोर लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। पीके साथ ही पार्टी के ही महासचिव और प्रवक्ता पवन वर्मा भी बयान दे रहे थे। जिसके बाद पार्टी ने इन दोनों नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है।

  • undefined

    News30, Jan 2020, 7:26 AM IST

    बागियों को पार्टी से बाहर करने के बाद नीतीश कुमार ने लिया एक और बड़ा फैसला, जानें क्या है मामला

    नीतीश कुमार के प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को पार्टी से बाहर निकालने के बाद ये रैली काफी अहम है। क्योंकि ये दोनों नेता दिल्ली में भाजपा के साथ दो सीटों पर गठबंधन को लेकर नीतीश कुमार पर ही सवाल उठा रहे थे। 

  • prashant kishore

    News29, Jan 2020, 5:43 PM IST

    नीतीश ने प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया, पीके बोले थैंक्स

    वहीं पार्टी से  बर्खास्त होने के कुछ समय बाद, किशोर ने पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने ट्विटर पर नीतीश कुमार को तंज कसते हुए लिखा है कि“बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी को बनाए रखने के लिए आपको मेरी शुभकामनाएं। भगवान आपका भला करे, ”।
     

  • prashant kishore

    News29, Jan 2020, 6:53 AM IST

    पीके से क्यों नाराज हैं 'सुशासन बाबू', बनेंगे बागी या फिर होंगे शहीद

    पीके कभी नीतीश कुमार के करीबी लोगों में शुमार थे। लेकिन अनुच्छेद 370 हटाने और फिर नागरिकता कानून को लेकर वह पार्टी के भीतर बागी  की तरह बयान देने लगे। हालांकि उससे पहले पीके की पश्चिम बंगाल के सीएम ममता बनर्जी की दूरी भी पार्टी को खटने लगी। क्योंकि पार्टी के एक धड़े को लगने लगा कि पीके पार्टी के पद को भुना  रहे हैं।

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    News28, Jan 2020, 9:04 PM IST

    पवन वर्मा के बाद अब पीके को नीतीश कुमार की दो टूक

    नागरिकता संसोधन कानून को लेकर पार्टी के नेताओं के बगावती तेवरों को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना में बैठक बुलाई थी। हालांकि इस बैठक में पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और महासचिव पवन वर्मा को नहीं बुलाया गया था। जिसे प्रशांत किशोर के लिए झटका माना जा रहा था। 

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    News28, Jan 2020, 7:28 AM IST

    जदयू की अहम बैठक, लेकिन पीके रहेंगे बाहर

    जनता दल यूनाइटेड की पटना में अहम बैठक होने जा रही है। ये बैठक भी इसलिए अहम मानी जा रही है कि नागरिकता कानून को लेकर पार्टी के उपाध्यक्ष और रणनीतिकार प्रशांत किशोर और पार्टी महासचिव पवन वर्मा ने पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला है।

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    News24, Jan 2020, 8:03 AM IST

    जदयू में बन रही है आम राय, पीके और पवन से मुक्ति ही आखिर उपाय

    जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीके और पवन कुमार के बयानों को लेकर काफी नाराज बताए जा रहे हैं। लिहाजा इन दोनों पर सख्त कार्यवाही को लेकर भी उन पर दबाव है। क्योंकि पार्टी के नेताओं का मानना है कि इन दोनों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर पार्टी में अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं को भी एक सबक मिलेगा।

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    News23, Jan 2020, 11:16 AM IST

    सीएए पर बागियों को नीतीश की दो टूक जिसे जाना है तो जाएं, पीके को भी मिली नसीहत

    पवन वर्मा नागरिकता कानून को लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था। वह पार्टी के महासचिव हैं। पवन वर्मा ने नागरिकता कानून को लेकर पार्टी नेतृत्व पर ही सवाल उठाए थे। हालांकि नीतीश कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद जब दिल्ली में भाजपा ने जदयू के लिए दो सीटें छोड़ी तो पवन वर्मा एक बार फिर नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देने लगे।