Pollution  

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  • Nation23, Apr 2020, 7:29 PM

    कोरोना के चलते उत्तर भारत में 20 साल के सबसे कम स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

    कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शुरू हुए लॉकडाउन से पर्यावरण में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। अमेरिका स्पेस एजेंसी नासा के लेटेस्ट सेटेलाइट डाटा से पता चला है कि इन दिनों उत्तर भारत में वायु प्रदूषण 20 साल में सबसे निचले स्तर पर है। नासा ने इसके लिए वायुमंडल में मौजूद एयरोसोल की जानकारी हासिल की। फिर ताजा आंकड़े की तुलना 2016 से 2019 के बीच खीचीं गई तस्वीरों से की। कोरोना संकट से निपटने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन है, इसका दूसरा चरण 3 मई तक है।

  • World20, Mar 2020, 10:09 AM

    कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन से प्रदूषण में आई तेजी से कमी

    चीन से वायरस के फैलने के बाद चीनी सरकार ने हजारों फैक्ट्रीज को अस्थाई रूप से बंद कर दिया और कई शहरों को लॉक डाउन कर दिया था। जिसके बाद से वायु प्रदूषण में लगातार कमी देखने को मिल रही है।

  • News3, Jan 2020, 10:22 AM

    दिल्ली में अभी भी कोयले के प्लांट उत्सर्जन की समयसीमा के बाद भी काम कर रहे

    नई दिल्ली के आसपास कोयले से चलने वाले वर्कशॉप अभी भी काम कर रहे हैं, जबकि अधिकारियों ने उन्हें बंद करने की चेतावनी दी थी, अगर उन्होंने उन्होंने साल के अंत तक सल्फर ऑक्साइड के उत्सर्जन में कटौती करने के लिए उपकरण स्थापित नहीं किए। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 11 ऐसे वर्कशॉप में से केवल एक ने ऐसा उपकरण लगाया है।

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    News8, Dec 2019, 1:28 PM

    प्रदूषण से मालामाल हो रही हैं ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां

    देश में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट भी केन्द्र और राज्य सरकार को कई बार लताड़ लगा चुका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हो या फिर नवाबों का लखनऊ या फिर घाटी में बसा देहरादून सभी जगहों पर प्रदूषण स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अब तो लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

  • 100 seconds Hindi

    News25, Nov 2019, 8:20 PM

    अजित पवार पर चल रहे घोटालों के केस बंद होने से वहां के राजनीतिक हालातों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक, देखिए माय नेशन के 100 सेकेंड्स में

    अजित पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के दो दिन बाद ही 70 हजार करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले से जुड़े नौ मामलों की फाइल बंद कर दी गई है

  • News14, Nov 2019, 9:30 AM

    दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता एक बार फिर 'गंभीर

    दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को वायु की गुणवत्ता एक बार फिर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई। माना जा रहा है कि अगले दो दिन इससे राहत नहीं मिलने वाली।
     

  • News6, Nov 2019, 8:18 PM

    दिल्ली में प्रदूषण पर हाईकोर्ट में सुनवाई से प्याज की बढ़ती कीमतों तक, देखिए माय नेशन के 100 सेकेंड्स में

    दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई

  • News4, Nov 2019, 8:52 PM

    दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से कश्मीर में आतंकी हमले तक, देखिए माय नेशन के 100 सेकेंड्स में

    दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राज्य और केंद्र सरकारों पर तल्ख टिप्पणियां कीं

  • Lifestyle23, Oct 2019, 7:57 PM

    कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण को कैसे बचा सकते हैं

    1. बाहर से खाना मत मंगाएं जब आप बाहर से खाना ऑर्डर करते हैं तो वह किसी प्लास्टिक के कंटेनर में आता है। खाना खाने के बाद आप प्लास्टिक कंटेनर को फेंक देते हैं। प्लास्टिक से पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। इसलिए कोशिश करें कि बाहर जाकर खाना खाएं या अगर खाना मंगवाते हैं तो ऐसी जगह से मंगवाएं जहां बायो-डिग्रेडबल पैकेजिंग में फूड दिया जाता हो। 2. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें कार्बन उत्सर्जन को कम करने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप निजी वाहन की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। यह सही है कि भारत में सार्वजनिक वाहनों में भीड़ ज्यादा होती है और इससे असुविधा होती है, लेकिन सरकार अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रही है और मेट्रो परियोजनाओं को शुरू कर रही है। 3. मांसाहार कम करें जलवायु परिवर्तन की समस्या को कम करने का एक तरीका यह भी हो सकता है कि मांसाहार नहीं करें या कम करें। एग्रीबिजनेस से फॉसिल फ्यूल की तुलना में ग्रीनहाउस गैसों का ज्यादा उत्सर्जन होता है। एक पाउंड बीफ के लिए करीब 5,000 गैलन पानी का इस्तेमाल होता है। इसलिए मांस के लिए पशुपालन में पानी का खर्च ज्यादा है और यह पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। 4. ज्यादा फैशनेबल चीजें नहीं खरीदें आजकल फैशन तेजी से बदल रहा है। कंपनियां बहुत जल्दी नए फैशन के कपड़े बाजार में उतार देती हैं। कई कंपनियों ने डिस्पोजेबल कपड़े बनाने शुरू कर दिए हैं। बिना जरूरत के कपड़ों का ढेर लगाने से भी पर्यावरण पर कोई बढ़िया असर नहीं होता। इसलिए जरूरत के मुताबिक ही कपड़े खरीदें। 5. पानी की बोतल रखें हमेशा पानी की नई बोतल खरीदने की जगह आप अपने पास पानी की बोतल रखें और उसका ही इस्तेमाल करें। आजकल कॉपर, बांस और दूसरी इको-फ्रेंडली चीजों की बोतलें भी मिलती हैं। प्लास्टिक की पानी की बोतलों से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। इसलिए इसका ख्याल रखें।

  • Nation11, Sep 2019, 4:58 PM

    'ऊँ' और गाय के बहाने पीएम मोदी ने विपक्ष को निशाने पर लिया

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'गाय' और प्रणव मंत्र 'ऊँ' के बहाने से विपक्ष को सीधे तौर पर अपने निशाने पर लिया। उनका कहना था कि गाय और ऊँ को जो लोग पिछड़ेपन का प्रतीक मानते हैं उन्होंने ही देश को बर्बाद कर रखा है। 
     

  • plastic waste

    News8, Jun 2019, 2:29 PM

    प्लास्टिक के उपयोग पर सख्त हुआ राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण

    प्लास्टिक के बोतल और बहुस्तरीय प्लास्टिक पैकेज के प्रयोग को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने इसके लिए समिति गठित करने को कहा है।  
     

  • pollution

    News18, May 2019, 4:10 PM

    पराली के धुएं से दिल्ली की हवा हुई ज़हरीली

    पराली के धुंए ने फिर से दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दी है जिसके चलते प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी की संभावना है| मौसम विभाग से जुड़ी सरकारी एजेंसी सफर इंडिया ने इस बारे में अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ और दिनों का प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका जताई है| 

  • diesel engine

    News26, Apr 2019, 6:27 PM

    डीजल पर सर्जिकल स्ट्राइक से पहले मारुति की पहल, नहीं बेचेगा गंदी कार

    इस नए एमीशन नॉर्म को लागू करने से पहले ही देश में डीजल गाड़ियों की बिक्री में गिरावट दर्ज हो रही है. वहीं देश में सबसे ज्यादा गाड़ियां बेचने वाली कंपनी मारुति ने गुरुवार को ही ऐलान कर दिया है कि वह 1 अप्रैल 2020 से डीजल गाड़ियों की बिक्री बंद कर देगा. 

  • no allaince with bjp

    Views5, Apr 2019, 3:38 PM

    जानिए मोदी सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल इन दस खबरों का असली सच

    व्हाट्सएप ने हाल ही में अपने मंच पर वायरल हुई फर्जी खबरों और अफवाहों के खिलाफ कड़ा रवैया अपनाया है।  कंपनी ने दावा किया है कि उन्होंने वायरल संदेशों की जांच करने और अपने उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
    इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत सरकार के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा है। उनसे कहा गया है कि वह अपने प्लेटफ़ॉर्म के दुरुपयोग की जाँच के लिए और प्रयास करना चाहिए।
    लेकिन ये कदम कितने प्रभावी हैं?
    उदाहरण के लिए व्हाट्सएप सेवा जिसको चेकपॉइंट टिपलाइन कहा जाता है। फर्जी खबरों पर रोक लगाने के लिए आम उपयोगकर्ताओं के लिए एक विशिष्ट नंबर जारी किया गया है जिसपर अपने संदेश, चित्र, वीडियो और पाठ भेजने के लिए कहा जा रहा है।
    यह सिस्टम संदेश या सामग्री को सत्यापित करेगा और उपयोगकर्ता को जवाब देगा कि यह वास्तव में सही है या फिर गलत, भ्रामक या विवादित है। इस तरह के कदमों का स्वागत किया जाना चाहिए। लेकिन इन कदमों से पहले ऐसे बहुत से संदेश विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चक्कर काट रहे हैं। तो मैने सोचा कि चलिए पुराने तरीके से ही इसे जांच लेते हैं।