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  • Maharastra BJP ruling will escape  today

    News6, Dec 2019, 10:13 AM IST

    महाराष्ट्र में सत्ता का रूख बदलते ही ‘घर वापसी’ की तैयारी में हैं भाजपा विधायक

    राज्य में शिवसेना की अगुवाई में सरकार बन गई है और भाजपा विपक्ष में है। लेकिन राज्य में दो महीने पहले नजारा कुछ अलग था। भाजपा सत्ता में थी और कांग्रेस और एनसीपी विपक्ष में थे। भाजपा ने शिवसेना के साथ चुनाव लड़ा। लेकिन चुनाव के बाद राज्य की फिजा ही बदल गई। अब भाजपा विपक्ष में है और शिवसेना विपक्षी दलों के साथ सत्ता में।

  • abhinav khare

    News28, Nov 2019, 7:56 PM IST

    सत्ता के खातिर एनआरसी बिल का विरोध कर रही हैं ममता

    यह देश में एनआरसी को लागू करने के अमित शाह के दावे के प्रति एक संवेदनशील प्रतिक्रिया की तरह दिखता है। ये अप्रवासी अक्सर बदमाश होते हैं जो बहुत सी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होते हैं। अप्रवासी होने के नाते वे खुद को अपराधी बना लेते हैं, इसलिए वे कोई और अपराध करने से नहीं डरते। यही नहीं वह विभिन्न तरह के अपराध बलात्कार, हत्या, चोरी और यहां तक कि अंग व्यापार में भी लिप्त रहते हैं। वे आतंकवादी गतिविधियों में भी शामिल हैं।

  • Eknath Khadse

    News28, Nov 2019, 9:42 AM IST

    सत्ता जाने के बाद अब महाराष्ट्र में अलग थलग पड़ने लगे हैं फडणवीस

    हालांकि इसकी संभावना पहले से ही थी कि राज्य में अब फडणनीस के खिलाफ आवाज उठेंगी और आज ही एकनाथ खड़से ने इसकी शुरूआत कर दी है। खड़से को फडणवीस का विरोधी माना जाता है और वह भाजपा के राज्य ईकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और देवेन्द्र फडणवीस सरकार में राजस्व मंत्री थी। लेकिन उनके विभाग में हुए घोटाले के कारण उन्हें कैबिनेट मंत्री के पद से हटा दिया गया था। राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।

  • News26, Nov 2019, 9:13 PM IST

    यूं ही नहीं हैं शरद पवार राजनीति के 'पॉवर सेंटर', 'चाणक्य' की बिसात का बिगाड़ा खेल

    फिलहाल महाराष्ट्र की ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में शरद पवार एक बार फिर मजबूत होकर उभर कर आए। महाराष्ट्र में अब वो सरकार शपथ लेगी, जिसके बारे में कभी सोचा भी नहीं गया था। यानी एनसीपी और कांग्रेस के साथ अब शिवसेना राज्य में सरकार बनाएगी। जबकि विचारधारा को देखते हुए तीनों दल अलग-अलग विचारधाराओं की राजनीति करते हैं। शिवसेना जहां कट्टर हिंदूवादी पार्टी मानी जाती है तो कांग्रेस खुद को सेक्युलर कहती है। जबकि एनसीपी को मराठा और अल्पसंख्यकों का समर्थन है।

  • Maharashtra: Shiv Sena-NCP-Congress formulated program to form government, there is some agreement

    News23, Nov 2019, 10:58 AM IST

    महाराष्‍ट्र में सदमे में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस, भाजपा के झटके से सुन्न हुई पवार की 'पॉवर'

    महाराष्ट्र में भाजपा की चाल से शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी हैरान हैं। इस राजनीति का तोड़ कैसे निकाला जाए। इसका सूत्र और मंत्र किसी के पास नहीं है। हर कोई इस घटनाक्रम को लेकर सकते हैं। शिवसेना को आज उम्मीद थी कि वह राज्य में सरकार बनाएगी और पहली बार राज्य में ठाकरे परिवार का नेता सीएम बनेगा। वहीं शिवसेना अपने राजनैतिक अस्तित्व के लिए विरोधी दलों के साथ हाथ मिला रही थी।

  • News21, Nov 2019, 8:39 AM IST

    महाराष्ट्र में नहीं बनी किसी भी दल की सरकार, लेकिन पॉवर सेंटर बन गए हैं पवार

    पवार की पॉवर राजनीति को अगर कोई समझ पा रहा है तो वह खुद पवार हैं। वह राज्य के साथ ही केन्द्र में भी स्थापित हो गए हैं। पिछले दो हफ्ते से मीडिया और टीवी चैनलों में पावर ही दिखाई दे रहे है। जबकि विधानसभा चुनाव के दौरान पवार को मीडिया ज्यादा भाव नहीं देता था। लेकिन दिल्ली से लेकर मुंबई तक हर जगह पवार की ही पूछ हो रही । अगर राज्य में शिवसेना की अगुवाई में सरकार बनती है तो इसका श्रेय पवार को ही जाएगा।

  • News15, Nov 2019, 8:40 AM IST

    महाराष्ट्र में 'मातोश्री' की राजनीति खत्म, सत्ता के लिए सोनिया के दूतों से मिलने के लिए दर दर भटक रहे हैं ठाकरे

    ठाकरे परिवार पहली बार मातोश्री से बाहर निकल रहा है। वह भी राज्य में सत्ता अपने पास रखने के लिए । महाराष्ट्र में भले ही पिछले चार दशकों में सरकार किसी की भी रही हो, लेकिन सरकार का असली केन्द्र मातोश्री ही हुआ करता था। शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने कभी चुनाव नहीं लड़ा और न ही किसी संसदीय राजनीति में रहे। लेकिन उन्होंने महाराष्ट्र में परोक्ष तौर पर सरकार चलाई है भले ही सरकार किसी भी पार्टी कि क्यों न हो। बालासाहेब ठाकरे का ही करिश्मा था कि नेता उनसे आर्शिवाद लेने के लिए मातोश्री आया करते थे।

  • News14, Nov 2019, 9:44 AM IST

    क्या मौलाना के प्लान-बी से पाकिस्तान में चली जाएगी इमरान की सत्ता

    रहमान पहले से ही कह रहे हैं कि इमरान खान या तो देश में अगले तीन महीने में चुनाव कराएं या फिर इस्तीफा दें। लेकिन इन दोनों शर्तों पर इमरान खान ने किसी भी तरह की रजामंदी नहीं दी है। लेकिन रहमान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। अभी तक रहमान की पार्टी  और विपक्षी दलों ने महज इस्लामाबाद को ही घेर कर रखा था। 

  • Sonia's attack on central government.

    News3, Nov 2019, 1:40 PM IST

    एप से अपनी ताकत बढ़ाएगी कांग्रेस

    सोनिया गांधी की अगुवाई  में कांग्रेस पार्टी भाजपा को  टक्कर देने के लिए तकनीक का प्रयोग करेगी। तकनीक के इस्तेमाल के मामले में भाजपा को सबसे आगे माना जाता है। लिहाज कांग्रेस भी इस रास्ते पर जाकर अपनी ताकत को बढ़ाना चाहती है। 

  • jdu

    News25, Oct 2019, 6:25 AM IST

    उपचुनाव में नहीं चला सुशासन बाबू का जादू, राजद हुई मजबूत

    राज्य में पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर चुनाव हुए थे और जिसके परिणाम आ चुके हैं। लेकिन ये उपचुनाव के नतीजे एनडीए के लिए बिहार में अच्छे संकेत नहीं है। इसमें एनडीए और सत्तारूढ़ जद (यू) को बड़ा झटका लगा है। क्योंकि विपक्षी दल राजद ने उपचुनाव में दो सीटें जीतकर राज्य में अपनी मजबूती का एहसास कराया है। जबकि राजद के भीतर ही नेताओं में लड़ाई चल रही है।

  • News30, Sep 2019, 10:33 AM IST

    रामगोपाल और आजम की बली लेकर शिवपाल को ‘बाहुबली’ घोषित कर सकेंगे अखिलेश!

    रविवार को ही सपा के विधानसभा में नेता रामगोविद चौधरी ने बयान दिया है कि अगर शिवपाल अपनी पार्टी का सपा में विलय करा लें तो उनकी विधानसभा की सदस्यता बरकरार रह सकती है। वहीं कुछ दिन पहले अखिलेश ने खुलेतौर पर बयान दिया था कि अगर कई पार्टी में आना चाहता है तो उसका स्वागत है। जब उनसे पूछ गया कि शिवपाल को भी पार्टी में लिया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि सपा में लोकतंत्र है। ये नियम सबके लिए लागू है।

  • sachin

    News18, Sep 2019, 7:44 AM IST

    ‘हाथी’ के जरिए मजबूत हुए गहलोत तो चित हुए पायलट

    अपने जादू से किसी दौर में लोगों को अपने बस मे करने वाले राज्य के सीएम अशोक गहलोत के छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया है। हालांकि गहलोत ऐसा पहले भी कर चुके हैं। 2009 में जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे तो उस वक्त भी उन्होंने बसपा के छह विधायकों को तोड़कर पार्टी में शामिल कराया था।

  • Nation17, Sep 2019, 12:59 PM IST

    ऑटोमोबाइल कंपनियों को बर्बादी से कोई नहीं बचा सकता, जानिए 5 प्रमुख वजहें

    भारत में ऑटोमोबाइल कंपनियों ने जबरदस्त हंगामा मचा रखा है। आए दिन किसी न किसी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी के अधिकारी का  बयान आता है कि हम बर्बाद हो रहे हैं, देश में आर्थिक मंदी आ चुकी है वगैरह वगैरह..। लेकिन सच यह है कि ऑटो इंडस्ट्री इसलिए तबाह हो रही है क्योंकि ऑटोमोबाइल कंपनियां अपनी पुरानी पड़ चुकी तकनीक में बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं।  इसलिए उनका बर्बाद होना तय है। उनकी जगह लेने के लिए इलेक्ट्रोनिक वाहन तैयार खड़े हैं। आने वाले तीन से चार सालों में बदलाव की यह प्रक्रिया साफ दिखने लगेगी। आने वाले समय में हो सकता है कि आपको एक मोटरसायकिल या स्कूटर की कीमत में इलेक्ट्रोनिक कार मिल जाए। जिसकी जिंदगी वर्तमान गाड़ियों से बहुत ज्यादा हो और उसे चलाने के लिए आपको मेहनत भी नहीं करनी पड़े। ऐसे में कोई भी क्यों पुरानी तकनीक वाली भारी भरकम पेट्रोल और डीजल गाड़ियां खरीदना चाहेगा-
     

  • Today, the whole of Europe and America is nervous, fear of Friday the Thirtieth may cause a loss of 900 million

    World13, Sep 2019, 4:05 PM IST

    आज 13 सितंबर को खौफ में है पूरा यूरोप और अमेरिका, जानिए क्या है इसकी वजह

    आज 13 सितंबर है और शुक्रवार का दिन है। आज 13 साल बाद चंद्रमा का ऐसा संयोग बन रहा है जिसे यूरोप में बेहद डरावना माना जाता है। इसे काली ताकतों को आकर्षित करने वाला दिन माना जाता है। इसकी वजह से यूरोप और अमेरिका में लोग बेहद डरे हुए हैं।  खास बात यह है कि भारतीय मान्यताओं के मुताबिक भी आज की पूर्णिमा के बाद से पितृपक्ष शुरु हो जाएगा। जिसमें माना जाता है कि पूर्वजों की आत्माएं धरती पर उतरती हैं।  
     

  • azam khan

    News5, Sep 2019, 7:00 PM IST

    अब आजम खान पर दर्ज हुआ बिजली चोरी का केस, रिजॉर्ट में बिजली चोरी के बाद कटा कनेक्शन

    आज आजम खान के रिसार्ट हमसफर में अचानक बिजली विभाग के अफसरों ने छापा मारा। जहां रिजॉर्ट में बिजली की चोरी पकड़ी गई। इसके बाद अफसरों ने रिजॉर्ट की बिजली का कनेक्शन काट दिया है। वहीं अब बिजली विभाग आजम खान पर बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।