Shivraj Government  

(Search results - 7)
  • undefined

    NewsAug 19, 2020, 7:51 AM IST

    कैबिनेट विस्तार के बाद अब जिलों के बंटवारे पर उलझी शिवराज सरकार, सिंधिया खेमे ने फंसाया पेंच

    मध्य प्रदेश में भले ही भाजपा ने राज्य में सरकार बना ली है। लेकिन सत्ता में आने के बाद मुश्किलों का दौर खत्म नहीं हो रहा है। राज्य में पहले शिवराज कैबिनेट के गठन में  समय लगा और उसके बाद मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे में लंबा समय लगा। 

  • <p>Shivraj Singh Chauhan, Madhya Pradesh, Corona in Madhya Pradesh, Corona epidemic, Corona infection, Economy in Corona, Madhya Pradesh economy, Labor reform<br />
&nbsp;</p>

    NewsJun 28, 2020, 2:30 PM IST

    मध्य प्रदेश में अगले हफ्ते हो सकता है शिवराज सरकार का कैबिनेट विस्तार, विधानसभा उपचुनाव पर नजर

    बताया जा रहा है कि कैबिनेट में राज्य भाजपा के सभी धड़ों से नेताओं को जगह मिल सकती है। वहीं हाल ही में कांग्रेस से आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। ताकि कांग्रेस से आए नेताओं को खुश किया जा सके और उपचुनाव में पार्टी को इसका फायदा मिले।

  • <p style="text-align: justify;">मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा- बिछड़े वो कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई...। एक शख़्स ही सारे दिलों को वीरान कर गया। फिल्मों का समृद्ध संसार जिनके बिना स्वयं को सदैव अधूरा महसूस करेगा, उनके असमय जाने से दिल भारी है। RishiKapoor जी के निधन से उत्पन्न मनोरंजन जगत के शून्य को कभी भरा न जा सकेगा। विनम्र श्रद्धांजलि!</p>

    NewsMay 13, 2020, 8:19 AM IST

    शिवराज सरकार के लिए खुशखबरी, इंदौर, भोपाल में रिकवरी दर बढ़ी

    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कोरोना के कुल मामले 939 तक पहुंच गए हैं और 92 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। हालांकि जिले में रिकवरी दर में इजाफा हुआ है औऱ ये 46फीसदी तक पहुंच गई है जबकि राष्ट्रीय दर 31.74 फीसदी है। राज्य में अब तक कोरोना संक्रमणों के 4,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। वहीं राज्य  में पिछले सप्ताह में बीमारी से ठीक होने वाले रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है।

  • undefined

    NewsMay 9, 2020, 7:40 PM IST

    कमलनाथ की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, शिवराज सरकार करा सकती है जांच

    राज्य में शिवराज सिंह के बाद दूसरे नंबर के ताकतवार मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि जब नाथ सत्ता में थे तो कोई काम नहीं किया गया था और जो भी धन प्राप्त किया गया था उसे छिंदवाड़ा (मुख्यमंत्री के गृह शहर) में भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि छिंदवाड़ा में भी कोई काम नहीं हुआ और जनता विकास से वंचित रही। 

  • <p><br />
बता दें कि शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना संकट के बीच 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह अब तक 29 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इतने दिन पर वह अकेले ही सरकार से सारे विभाग संभाल रहे थे। वहीं कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनपर आरोप लगाया था कि देश में शिवराज सिंह ऐसे सीएम हैं जो कोरोना के संकट में बिना मंत्रियों की सरकर चला रहे हैं।</p>

    NewsApr 24, 2020, 8:13 AM IST

    शिवराज सरकार कोरोना संक्रमितों को दिखाएगी फिल्म, जानें क्यों

    राज्य के शिवपुरी, टीकमगढ़, मंदसौर, आगर मालवा और बैतूल सहित आठ जिलों में पिछले एक सप्ताह से नए मामले नहीं आए हैं। राज्य सरकार के पहल से उन जिलों में आर्थिक गतिविधियां पहले ही शुरू हो चुकी है, जहां कुछ समय से कोई भी पॉजिटिव केस या नए मामले सामने नहीं आए हैं।, राज्य सरकार 10 लाख नौकरियां पैदा करने की कोशिश कर रही है। 

  • undefined

    NewsApr 22, 2020, 2:32 PM IST

    शाह के करीबी मिश्रा को मिला सरकार बनाने का इनाम, शिवराज सरकार में बने नंबर-दो

    कोरोनोवायरस के कहर के बीच राज्य में शिवराज सिंह ने मंगलवार को कैबिनेट का विस्तार किया था और इसमें पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। मंत्रियों में दो ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी थे जबकि तीन नेता भाजपा के थे। इसके बाद आज राज्य के सीएम शिवराज सिंह ने मंत्रियों को उनके विभागों का कार्यभार सौंप दिया है। शिवराज सिंह चौहान ने आखिरकार नरोत्तम मिश्रा पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य का स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया है।

  • बता दें कि सिंधिया के स्वागत में भाजपा कार्यालय में राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बीडी शर्मा, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद थे।

    NewsMar 24, 2020, 3:21 PM IST

    एमपी में सरकार बनते ही सिंधिया को दिया शिवराज सरकार ने 'तोहफा', जानें क्या है मामला

    सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रदेश कांग्रेस इकाई में एक विद्रोह शुरू हो गया और सिंधिया के 22 विधायक ने राज्य की कमलनाथ सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।  सिंधिया ने 10 मार्च को कांग्रेस छोड़ी थी और उसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए।