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    News9, Feb 2020, 12:36 PM IST

    दिल्ली चुनाव को लेकर जानें क्यों परेशान हैं सट्टेबाज, केजरीवाल हैं पहली पसंद

    राजस्थान का फलौदी दुनियाभर का सबसे बड़ा सट्टा बाजार है। लेकिन इस बार यहां के सट्टेबाज परेशान हैं। क्योंकि दिल्ली को लेकर अच्छा सट्टा नहीं लग रहा है। क्योंकि यहां पर मुकाबला एक तरफा  है। जिसके कारण सट्टे के बाजार  में ज्यादातर भविष्यवाणियां आप की सरकार को लेकर हैं। इस बात को लेकर सट्टेबाज परेशान हैं।

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    News28, Dec 2019, 2:38 PM IST

    भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित है आईएमएफ

    अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड) ने भारत की आर्थिक मंदी को लेकर चिंता जताई है और देश की आर्थिक स्थिती दुरूस्त करने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया है। अपनी वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट में आईएमएफ ने पाया कि, खपत और निवेश और टैक्स रिवेन्यू (कर राजस्व) में गिरावट ने भारत की दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं पर ब्रेक सा ल9गा दिया है।

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    News7, Dec 2019, 12:25 PM IST

    विभागों का बंटवारा बना ठाकरे सरकार की मुसीबत, बैचेने हो रहे हैं मंत्री

    महाराष्ट्र सरकार विभागों के बंटवारे की स्थिति में अभी उलझन में है। इसे सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मुलाकात की। ताकि सीएमपी के तहत सभी दलों के कोटे में आए विभागों के लिए मंत्रियों का बंटवारा हो सके।

  • Maharashtra, Assembly Elections, Maharashtra Election Results, Shiv Sena, Sanjay Raut, BJP

    News8, Nov 2019, 6:16 PM IST

    क्या भाजपा के 'ऑपरेशन लोटस' से घबराई हुई है शिवसेना

    राज्य में नौ नवंबर तक सरकार का गठन हो जाना है। इसी बीच आज राज्य के सीएम देवेन्द्र फणनवीस ने इस्तीफा दे दिया है। जबकि राज्य में सरकार के गठन के लिए भाजपा की तरफ से की गई कोशिशें बेकार साबित हुई हैं। असल में दोनों के बीच लड़ाई का मुख्य मुद्दा सीएम का पद है। जिस पर दोनों दल दावे कर रही हैं। शिवसेना का कहना है राज्य में 50-50 का फार्मूला लागू होना चाहिए। 

  • mamta banerjee met pm modi's wife wife Jashodaben before meeting PM Modi

    News22, Oct 2019, 7:46 AM IST

    आखिर विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल में एनआरसी लागू करने से क्यों घबरा रही हैं ममता

    असल में इस कहानी के पीछे सबसे बड़ा कारण हैं वोट बैंक। पिछले सत्तर साल में बंगाल और असम में बांग्लादेश के करोड़ों घुसपैठिए भारत में आए हैं। हालांकि इन दोनों राज्य से लाखों लोग आज भी देश के अन्य हिस्सों में फैल गए हैं। लेकिन इन दोनों राज्यों में ये लोग कई सीटों पर निर्णायक हैं। पश्चिम बंगाल में ये घुसपैठिए ममता बनर्जी सरकार के समर्थक हैं। जिसके कारण ममता बनर्जी एनआरसी के खिलाफ है।