भारत में 75 साल से फ्री यात्रा करा रही ये ट्रेन, टिकट या रिजर्वेशन की जरूरत नहीं, जानें इसकी खासियत
Surya Prakash Tripathi |
Published : Jul 28, 2024, 10:52 AM ISTUpdated : Jul 28, 2024, 01:43 PM IST
Indian Railway Free Travel Train: भाखड़ा-नांगल ट्रेन में 75 सालों से फ्री यात्रा की सुविधा। हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर चलने वाली इस ट्रेन में टिकट की जरूरत नहीं होती। जानें इसकी खासियत और इतिहास।
Indian Railway Free Travel Train: भारतीय रेलवे एशिया का दूसरा सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। हर दिन लाखों लोग ट्रेनों से यात्रा करते हैं। हजारों ट्रेनें पटरियों पर चलती हैं। इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए आपको टिकट और रिजर्वेशन की जरूरत होती है। बिना टिकट के ट्रेन में यात्रा करना अपराध है। पकड़े जाने पर आपको जुर्माना हो सकता है और कभी-कभी जेल की सजा भी हो सकती है। ट्रेनों में टिकट चेक करने के लिए TTE होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी ट्रेन भी है, जिसमें यात्रा करने के लिए आपको टिकट की जरूरत नहीं होती।
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किस ट्रेन में कर सकते हैं फ्री यात्रा?
भारत में एक ऐसी ट्रेन है, जिसमें आप फ्री में यात्रा कर सकते हैं। इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए आपको न तो रिजर्वेशन कराने की जरूरत है और न ही टिकट लेने की। आप इस ट्रेन में फ्री में यात्रा कर सकते हैं। इस ट्रेन में लोगों को साल भर फ्री यात्रा की सुविधा मिलती है। हम आपको ऐसी भारतीय रेलवे के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां कोई भी व्यक्ति बिल्कुल फ्री में यात्रा कर सकता है। करीब 75 सालों से लोग इस ट्रेन से फ्री में यात्रा करते हैं। इस ट्रेन का नाम भाखड़ा-नांगल ट्रेन है।
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75 सालों से लोगों में फ्री यात्रा करा रही ट्रेन कहां से कहां तक चलती है?
हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर चलने वाली भाखड़ा-नांगल ट्रेन पिछले 75 सालों से लोगों को किराया-फ्री यात्रा की सुविधा दे रही है। नांगल और भाखड़ा के बीच चलने वाली इस ट्रेन में यात्रियों को टिकट की जरूरत नहीं होती है। इस ट्रेन के डिब्बे लकड़ी के बने होते हैं। इस ट्रेन में कोई TTE नहीं होता है। यह ट्रेन डीजल इंजन से चलती है। इस किराया-फ्री ट्रेन से होने वाले नुकसान के कारण साल 2011 में इसे बंद करने का फैसला किया गया था, लेकिन बाद में इसे विरासत और परंपरा के तौर पर चलाने का फैसला किया गया।
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इस ट्रेन को कौन चलाता है?
इस ट्रेन का नियंत्रण भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के पास है। इस ट्रेन में सिर्फ 3 बोगियां हैं, जिसमें से एक बोगी पर्यटकों के लिए और एक बोगी महिलाओं के लिए रिजर्व है। ट्रेन को चलाने में रोजाना करीब 50 लीटर डीजल खर्च होता है। 13 किमी. का यह रेल सफर बेहद खूबसूरत है। इन वादियों में घूमने जाने वाले लोगों को ये सुविधा फ्री में मिलती है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है।
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भाखड़ा-नांगल ट्रेन की खासियत क्या है?
भाखड़ा नांगल बांध को सबसे ऊंचे सीधे गुरुत्वाकर्षण बांध के रूप में जाना जाता है। इस बांध को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। इस ट्रेन का मार्ग पहाड़ों को काटकर बनाया गया है। रास्ते में यह पहाड़ों से नहीं बल्कि सतलुज नदी से होकर गुजरती है। यह शिवालिक पहाड़ियों से होकर 13 किमी. की दूरी तय करती है। इस ट्रेन से सफर में करने वाले लोग यहां की खूबसुरती देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। यहां फ्री यात्रा फिर 75 साल से चल रही है।
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क्यों शुरू हुई ये ट्रेन?
भाखड़ा नांगल बांध को देखने के लिए इस ट्रेन की शुरुआत साल 1948 में की गई थी। इसे मुख्य रूप से बांध के कर्मचारियों, मजदूरों, मशीनों को लाने और ले जाने के लिए शुरू किया गया था। बाद में इसे पर्यटकों के लिए भी खोल दिया गया। भाखड़ा नांगल बांध को देखने आने वाले पर्यटक इस ट्रेन से बिना टिकट, बिना किराए के यात्रा कर सकते हैं।
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