
बस्ती। आजाद हिंदुस्तान में पहली बार भारत ने पाकिस्तान में अपने उच्चायोग की कमान किसी महिला के हाथ में सौंपी है। गीतिका श्रीवास्तव आईएफएस है और विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में संयुक्त सचिव के तौर पर काम कर रही थीं। गीतिका श्रीवास्तव ने साल 2007 से 2009 के बीच में बीजिंग स्थित भारतीय एंबेसी में जूनियर राजनयिक के तौर पर काम किया है। इसके अलावा वह कोलकाता रीजनल पासपोर्ट ऑफिस में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। माय नेशन हिंदी से बात करते हुए गीतिका के पिता जीपी श्रीवास्तव ने खुशी जताई और कहा मेरे लिए यह गर्व की बात है।
कौन है गीतिका श्रीवास्तव
गीतिका उत्तर प्रदेश के बस्ती के जेल रोड स्थित राजपूत कॉलोनी की रहने वाली हैं। उनके पिता जीपी श्रीवास्तव रिटायर्ड बैंक अधिकारी हैं। उनके भाई गौरव श्रीवास्तव कोलकाता में आईपीएस अधिकारी हैं। गीतिका ने साल 2001 में केडीसी से इकोनॉमिक्स मैथ्स और कंप्यूटर साइंस में बीएससी किया है। जेएनयू से साल 2003 में उन्होंने इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट किया है। इस साल उन्होंने एमफिल में भी एडमिशन लिया। पढ़ाई के दौरान साल 2005 में गीतिका ने सिविल सर्विसेज की तैयारी की और पहले ही अटेम्प्ट में क्रैक किया जिसके बाद उनका चयन आईएएस कैडर के लिए हुआ था लेकिन उन्होंने आईएफएस बनना पसंद किया।
गीतिका विदेश मंत्रालय में वर्तमान समय में तैनात हैं
गीतिका की पहली पोस्टिंग चीन के बीजिंग में हुई थी। गीतिका श्रीवास्तव वर्तमान समय में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में संयुक्त सचिव के तौर पर काम कर रही हैं। इस समय वह एमईए के इंडो पेसिफिक डिविजन में है। गीतिका इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग की चार्ज डी अफेयर्स यानी सीडीए होगी। वह डॉक्टर एम सुरेश कुमार की जगह लेंगी और सुरेश कुमार वापस दिल्ली आ सकते हैं। क्योंकि मौजूदा समय में हिंदुस्तान पाकिस्तान के बीच लिमिटेड पॉलिटिकल रिलेशन है ऐसे में दोनों देशों के उच्चायोग में कोई उच्चायुक्त नहीं है और इसकी जिम्मेदारी सीडीए को दी गई है। सीडीए संयुक्त सचिव रैंक का अधिकारी होता है।
आजादी के बाद अब तक 22 पुरुषों ने भारतीय उच्चायोग में काम किया
आजादी के बाद पाकिस्तान में इंडियन हाई कमिशन में हमेशा पुरुषों ने ही काम किया है। आजादी से लेकर अब तक 22 पुरुषों ने इस कमान को अपने हाथ में लिया था। आखरी उच्चायुक्त अजय बिसारिया थे । हालांकि पाकिस्तान ने भी नई दिल्ली में साद अहमद वॉराइच को अपना नया सीडीए नियुक्त किया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र के मिशन में साद अहमद वॉराइच पाकिस्तानी डिप्लोमा के रूप में कम कर चुके हैं । दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमिशन की जिम्मेदारी साथ को सौंपी गई है । साद अहमद ने सलमान शरीफ की जगह ली है । पाकिस्तान में वुमन राजनीतिकों की नियुक्ति बेशक हुई है लेकिन उनके हाथ में कभी कमान नहीं दी गई। ऐसे में गीतिका को कहा जा सकता है कि वह इतिहास रचने जा रही हैं। इस खबर के बाद गीतिका के माता-पिता बहुत खुश हैं।
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