
अलीगढ़। रवीना ने UPPCS-J में टॉप 10 में जगह बनाकर पूरे सुबह का नाम रोशन किया। रवीना ने आठवीं रैंक हासिल किया है। इसके पहले भी उन्होंने PCS-J का एग्जाम दिया था लेकिन नहीं क्वालीफाई कर पाई थीं लेकिन वो फेलियर से डरी नहीं बल्कि ये सोच कर तैयारी किया की मुझे हर हाल में PCS-J क्रैक करना है। माय नेशन हिंदी से रवीना ने UPPCS-J की जर्नी शेयर की, तो आइये जानते हैं डिटेल में रवीना के बारे में।
कौन हैं रवीना
रवीना अलीगढ़ की स्वर्ण जंयती नगर की रहने वाली हैं। उन्होंने आवर लेडी ऑफ़ फ़ातिमा कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल से हाई स्कूल तक की पढ़ाई की। 12th उन्होंने एएमयू से किया। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से उन्होंने बीएएलएलबी किया। रवीना के पिता प्रदीप कुमार धर्म समाज कॉलेज में शिक्षा शास्त्र के प्रोफेसर हैं। उनका छोटा भाई अमन आईआईएम मुंबई से एमबीए कर रहा है।अमन ने पटियाला से बीटेक किया है। रवीना की मां हाउस वाइफ हैं।
लॉ सेंट्रिक सवाल किये गए रवीना से
PCS-J के इंटरव्यू के बारे में रवीना ने बताया की पैनल में चार बोर्ड मेंबर थे , हर मेंबर ने मुझसे तीन से चार सवाल किये। करीब 20 से 25 मिनट का इंटरव्यू था और 15, 16 सवाल लगभग पूछे गए। रवीना कहती हैं मेरा इंटरव्यू सेकेण्ड शिफ्ट में था और क्रिमिनल लॉ सेंट्रिक सवाल हुए। मुझसे कोई भी करेंट अफेयर्स से रिलेटेड सवाल नहीं पूछा गया। एविडेंस एक्ट,आईपीसी, सीआरपीसी से जुड़े सवाल थे। रवीना ने ये भी बताया की मॉक इंटरव्यू में उनसे मौजूद मुद्दों पर सवाल हुए लेकिन मेंस में सिर्फ क्रिमिनल लॉ से जुड़े सवाल पूछे गए।
इंजीनियर नहीं बनना चाहती थी इसलिए जुडिशरी चुना
PCS-J चुनने के बारे में रवीना कहती हैं की बारहवीं मैंने साइंस से किया लेकिन मुझे बहुत संतोष नहीं मिल रहा था । मुझे साइंस पसंद था लेकिन मैं इंजीनियर नहीं बनना चाहती थी। उस वक़्त मैं यही सोच रही थी की क्या कर सकती हूं। मुझे लॉ ने काफी अट्रैक्ट किया। एएमयू में नेशनल लेवल पर एग्जाम क्वालीफाई किया। पढाई खत्म करने के बाद भी यही कश्मकश थी क्या किया जाए। आगे तो करियर ऑप्शन कई था जैसे ज्यूडिशरी सर्विस, सिविल सर्विस, कॉर्पोरेट लेकिन मुझे अपने लिए ज्यूडिशरी ज़्यादा बेहतर लगा। और मैंने उसी की तैयारी करना शुरू कर दिया।
UPPCS-J में पहले हो चुकी हैं फेल
PCS-J के संघर्ष के बारे में रवीना कहती हैं मैंने 2018 में ग्रेजुएशन कर लिया था और उस साल वेकेंसी आई तो मैंने अटेम्प्ट किया लेकिन प्री ही नहीं क्लियर कर पाई क्यूंकि तैयारी नहीं थी । उसके बाद यूपी में वेकेंसी चार साल बाद आई 2022 में । और इस बार मुझे अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा था की मैं PCS-J क्लियर कर लुंगी और ये मेरा पहला मेंस था , पहला इंटरव्यू और मेरी आठवीं रैंक आ गयी।
नहीं किया कभी कोचिंग
रवीना कहती हैं मैंने कभी कोचिंग नहीं किया ,सेल्फ स्टडी किया। कभी कोई दिक्क्त आती थी पढ़ने के दौरान तो वो मैं ऑनलाइन यूट्यूब के ज़रिये सलूशन ढूंढ लेती थी। यूट्यूब पर तमाम फ्री लेक्चर अपलोड हैं, बहुत मटेरियल मिल जाता है ऑनलाइन तो मुझे लगता है ऑनलाइन एजुकेशन एक अच्छा माध्यम मिल चुका है जनरेशन को।
रवीना ने दिया PCS-J के एस्पिरैंट को टिप्स
रवीना कहती है मेरी लर्निंग यही कहती है की नोट्स ज़रूर बनाइये , कितना भी मटेरियल मार्किट में हो ,आपके पास दूसरों के नोट्स हो वो आपकी हेल्प नहीं करते, किताबें खूब पढ़िए लेकिन नोट्स बनाइये। जब तक आप खुद पढ़ कर नोट्स नहीं बनाते तब तक मेरे हिसाब से थोड़ी मुश्किल तो होगी क्यूंकि नोट्स बनाने से आपको शब्द याद होते हैं। फेलियर से डरना नहीं चाहिए क्यूंकि फेलियर पार्ट ऑफ़ लाइफ होता है। मैं अपना ही एग्जाम्पल लूंगी की पहली बार में प्री भी नहीं निकाल पाई और दूसरी बार में टॉप टेन में जगह बना ली।
भाई ने बांटी मिठाई
रवीना कहती हैं रक्षाबंधन के दिन भाई नहीं आ पाया था कॉलेज की वजह से लेकिन मेरा रिज़ल्ट सुन कर अपने सारे दोस्तों में उसने मिठाई बांटी। घर पे सुबह से लोगों का आना जाना शुरू हो गया। रिज़ल्ट सुन कर फोन कॉल आने लगे। पूरा दिन घर पर आने जाने वालों का तांता लगा रहा। वहीं रवीना अपनी कामयाबी का क्रेडिट अपनी फैमिली पेरेंट्स और टीचर्स को देती हैं।अब हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनना लक्ष्य है।
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