
नई दिल्ली। भारत में कई बड़े-बड़े बिजनेस ग्रुप हैं, लेकिन वाडिया समूह इनमें सबसे पुराना है। इसकी स्थापना 1736 में हुई थी और तब से लेकर अब तक यह ग्रुप लगातार बिजनेस वर्ल्ड की नई ऊचाइयां छू रहा है। वाडिया समूह को शुरू हुए लगभग 288 साल हो चुके हैं, और कई सेक्टर्स में इसका दबदबा है।
लवजी नुसरवानजी ने रखी थी वाडिया ग्रुप की नींव
वाडिया समूह की नींव पारसी बिजनेसमैन लवजी नुसरवानजी वाडिया ने रखी थी। लवजी का जन्म 1702 में सूरत में हुआ था। उन्होंने 1736 में वाडिया समूह की शुरुआत की। लवजी वाडिया का मुख्य काम जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग) था, और उनकी शिपबिल्डिंग कंपनी ने ही वाडिया समूह को शुरुआत में पहचान दिलाई।
मुंबई में एशिया का पहला ड्राय डॉक बनाया
वाडिया समूह की शुरुआत शिपबिल्डिंग से हुई। लवजी वाडिया को ईस्ट इंडिया कंपनी से जहाज और डॉक बनाने का ठेका मिला था। यह ठेका उनके बिजनेस की बड़ी शुरुआत थी। लवजी और उनके भाई सोराबजी ने मिलकर मुंबई में पहला डॉकयार्ड बनाया था, जो एशिया का पहला ड्राय डॉक भी था। समय के साथ वाडिया ग्रुप ने अपना व्यापार अन्य सेक्टर्स में भी बढ़ाया। इसमें ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और बॉम्बे डाइंग जैसी कंपनियां प्रमुख हैं। ब्रिटानिया भारतीय फूड मार्केट की मशहूर कंपनी है, जबकि बॉम्बे डाइंग टेक्सटाइल उद्योग में एक जाना-माना नाम है।
100 साल में दुनिया में बनाई पहचान
वाडिया समूह ने अपने पहले 100 वर्षों के भीतर ही दुनिया में अपनी जगह बना ली थी। 1840 तक यह समूह शिपबिल्डिंग के क्षेत्र में विश्व स्तर पर एक प्रमुख नाम बन चुका था। इसकी पहचान न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बनी। 1863 में वाडिया समूह ने बांबे बर्मा ट्रेडिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड की स्थापना की। यह भारत की पहली पब्लिक ट्रेडिंग कंपनी बनी। इसने वाडिया ग्रुप को एक नई पहचान दी और उन्हें भारतीय बिजनेस में एक प्रमुख स्थान दिलाया।
जिन्ना से है वाडिया परिवार का संबंध
वाडिया परिवार का संबंध पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से भी है। वाडिया समूह के वर्तमान चेयरमैन नुस्ली वाडिया, जिन्ना की बेटी डीना वाडिया के बेटे हैं। डीना वाडिया ने जिन्ना की इच्छा के खिलाफ जाकर भारतीय पारसी परिवार में शादी की थी। नुस्ली वाडिया के दो बेटे हैं-नेस वाडिया और जहांगीर वाडिया। ये दोनों ग्रुप के बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं।
वाडिया ग्रुप नेटवर्थ?
वाडिया ग्रुप की मौजूदा संपत्ति लगभग ₹60,000 करोड़ ($7.2 बिलियन) है। यह ग्रुप टेक्सटाइल, फूड इंडस्ट्री, एविएशन और रियल एस्टेट जैसे कई सेक्टर्स में एक्टिव है। इतने वर्षों के बाद भी वाडिया समूह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक मजबूत स्थिति में है। नुस्ली वाडिया के बेटे, नेस वाडिया, आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब के मालिकों में से एक हैं। यह टीम भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के बीच काफी पॉपुलर है। नेस वाडिया खासतौर पर ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब में एक्टिव भूमिका निभाते हैं।
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