एक दूधिया कैसे बना मिल्क इंडस्ट्री का बादशाह? पहले 60 लीटर-अब हर दिन 36 लाख लीटर बिकता है दूध

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Oct 31, 2023, 06:06 PM ISTUpdated : Nov 01, 2023, 06:35 PM IST
एक दूधिया कैसे बना मिल्क इंडस्ट्री का बादशाह? पहले 60 लीटर-अब हर दिन 36 लाख लीटर बिकता है दूध

सार

आप हम आपको एक ऐसे दूधिए (दूध बेचने वाला) के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसने डेली मात्र 60 लीटर दूध बिक्री से अपने कारोबार की शुरुआत की थी। अब उनकी कम्पनी हर दिन लगभग 36 लाख लीटर दूध बेचती है। मिल्क इंडस्ट्री की बड़ी-बड़ी कम्पनियों को टक्कर दे रही है।

नई दिल्ली। आप हम आपको एक ऐसे दूधिए (दूध बेचने वाला) के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसने डेली मात्र 60 लीटर दूध बिक्री से अपने कारोबार की शुरुआत की थी। अब उनकी कम्पनी हर दिन लगभग 36 लाख लीटर दूध बेचती है। मिल्क इंडस्ट्री की बड़ी-बड़ी कम्पनियों को टक्कर दे रही है। हम बात कर रहे हैं पारस मिल्क की। जिसके संस्थापक वेद राम नागर ने अपने काम से देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अनोखी मिसाल कायम की। काम के प्रति मेहनत व प्रोडक्ट की क्वालिटी ऐसी थी कि उन्हें 'मिल्क किंग' कहा जाने लगा। हालांकि साल 2005 में उनका देहांत हो गया। अब उनके बेटे कारोबार संभाल रहे हैं।

कौन थे वेद राम नागर?

पारस उद्योग समूह के संस्थापक वेद राम नागर का जन्म 20 अप्रैल 1933 को यूपी के बागपत जिले के खेकड़ा में हुआ था। साल 1960 में 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने दूध बेचने का काम शुरु किया। शुरुआती दिनों में डेली करीबन 60 लीटर दूध की बिक्री होती थी। उनके दूध की क्वालिटी अच्छी थी तो उसका स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ गया। मार्केट का रिस्पांस देखते हुए उन्होंने साल 1980 में वेद राम वीर सिंह के नाम से एक फर्म खोली और साल 1984 में बुलंदशहर के गुलावठी में मिल्क प्रोडक्ट बनाने वाली एक यूनिट की स्थापना की। साल 1986 में वीआरएस फूड की नींव रखी।

2004 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लगाया प्लांट

वेद राम नागर यहीं नहीं रूकें। साल 1987 में गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक बड़ा मिल्क प्लांट स्थापित किया और साल 1992 में दूसरा प्लांट लगाकर कम्पनी को ऊंचाइयों तक ले गए। साल 2004 तक कम्पनी का प्रसार देश के दूसरे राज्यों तक हो गया। कम्पनी दिल्ली-एनसीआर से बाहर निकली और मध्य प्रदेश के ग्वालियार में मिल्क प्लांट की नींव रखी गई। पर साल 2005 में वेद राम नागर का देहांत हो गया।

वेद राम नागर के देहांत के बाद बदला कम्पनी का नाम

वेद राम नागर का देहांत होने के बाद साल 2008 में कम्पनी का नाम बदलकर वेदराम एंड संस प्राइवेट लिमिटेड हो गया। नये मिल्क प्लांट लगाने के साथ कम्पनी ने पुराने मिल्क प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया। देश के अलग अलग शहरों में कम्पनी का विस्तार हुआ। वर्तमान में कम्पनी डेली 36 लाख लीटर दूध की बिक्री करती है। देश की टॉप टेन मिल्क कम्पनियों में गिनी जाती है। 

वेद राम नागर के बेटे सुरेंद्र नागर हैं सांसद

वेद राम नागर के पुत्र सुरेंद्र नागर मौजूदा समय में सांसद हैं। बाकि 4 बेटे ​पिता के कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। चौ. वेद राम चैरिटेबल ट्रस्ट सोशल वर्क के सेक्टर में एक्टिव है। कम्पनी से कई राज्यों के 5 हजार से ज्यादा किसान जुड़े हुए हैं। लाखों किसानों की कम्पनी मदद भी करती है।

ये भी पढें-रोड एक्‍सीडेंट-चीखते परिजन...देखकर पिघला इस SI का दिल, 25 साल-1600 कैम्प-8 लाख लोगों को जागरूक कर बने मिसाल 

PREV

MyNation Hindi का Motivational News सेक्शन आपको हर दिन positivity और inspiration देने के लिए है। यहां आपको संघर्ष से सफलता तक की कहानियां, real-life success stories, प्रेरणादायक खबरें, achievers की journeys और motivational updates मिलेंगे। पढ़ें ऐसे कंटेंट जो आपको आगे बढ़ने और बेहतर सोचने की प्रेरणा दे।

Recommended Stories

क्या आपको भी बहुत गुस्सा आता है? ये कहानी आपकी जिंदगी बदल देगी!
श्री बजरंग सेना अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा का अनोखा जन्मदिन, लगाएंगे एक लाख पौधे