
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जम्मू-कश्मीर के ओठवा और हंदवाड़ा से 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की उच्च गुणवत्ता की हेरोइन बरामद की है। इस संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन कश्मीरी और एक पंजाब के जालंधर शहर का रहने वाला है।
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला सच भी सामने आया है। इस ड्रग कंसाइनमेंट को जम्मू-कश्मीर की किसी जेल से ऑपरेट किया जा रहा था।
इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। जेल में जब मोबाइल तक ले जाना संभव नहीं है तो वहां से करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी किस तरह ऑपरेट की जा रही थी।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के दिल्ली मुख्यालय के एक उच्च अधिकारी ने 'माय नेशन' को बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर दो सितंबर को एनसीबी की जम्मू शाखा ने एक गाड़ी को पकड़ा था। गाड़ी से 22 किलोग्राम से ज्यादा हेरोइन बरामद हुई थी।
साथ में पकड़े गए तीन आरोपियों की निशानदेही पर पंजाब के जालंधर से एक और ड्रग रैकेट हैंडलर को गिरफ्तार किया गया।
इन लोगों से पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ था कि गाड़ी छोटी होने की वजह से सारी कंसाइनमेंट जम्मू के रास्ते पंजाब नहीं जा पा रही थी, इसके बाद नारकोटिक्स ब्यूरो ने हंदवाड़ा से 38 किलोग्राम और हेरोइन बरामद की।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह इस वर्ष की पूरे भारत में पकड़ी गई सबसे बड़ी कंसाइनमेंट है। इसके तार कई अंतरराष्ट्रीय ड्रग डीलरों से जुड़े हुए हैं।
अधिकारी ने यह भी बताया कि उच्च गुणवत्ता की यह हेरोइन अफगानिस्तान से पाकिस्तान होते हुए भारत आई है। जम्मू-कश्मीर को पंजाब में नशे का जखीरा पहुंचाने के लिए ट्रांसलेट रूट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 200 करोड़ की हेरोइन बरामद की थी, जो जम्मू के रास्ते पंजाब ले जाई जा रही थी।
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