पवन वर्मा के बाद अब पीके को नीतीश कुमार की दो टूक

Published : Jan 28, 2020, 09:04 PM IST
पवन वर्मा के बाद अब  पीके को नीतीश कुमार की दो टूक

सार

नागरिकता संसोधन कानून को लेकर पार्टी के नेताओं के बगावती तेवरों को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना में बैठक बुलाई थी। हालांकि इस बैठक में पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और महासचिव पवन वर्मा को नहीं बुलाया गया था। जिसे प्रशांत किशोर के लिए झटका माना जा रहा था। 

पटना। बिहार में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड के उपाध्यक्ष और चुनाव के रणनीतिकार प्रशांत किशोर को नीतीश कुमार ने बड़ा झटका दिया है। नीतीश कुमार ने कहा कि सब लोग आज़ाद हैं अपनी अपनी राय रखने के लिए और जिसे पार्टी से बाहर जाना है तो जाए। उन्होंने कहा कि पीके को भाजपा के नेता अमित शाह के कहने पर पार्टी में रखा था। लेकिन उन्हें रहना है तो रहें नहीं तो जाएं। इससे पहले नीतीश कुमार पवन वर्मा को लेकर इस तरह की नाराजगी जता चुके हैं। हालांकि नीतीश के बयान के बाद पीके ने दिल्ली में कहा कि वह बिहार जाकर सीएम नीतीश कुमार से मिलेंगे।

नागरिकता संसोधन कानून को लेकर पार्टी के नेताओं के बगावती तेवरों को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना में बैठक बुलाई थी। हालांकि इस बैठक में पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और महासचिव पवन वर्मा को नहीं बुलाया गया था। जिसे प्रशांत किशोर के लिए झटका माना जा रहा था। हालांकि पार्टी का एक गुट प्रशांत किशोर के खिलाफ कार्यवाही की बात कर रहा है क्योंकि वह नीतीश कुमार के फैसले पर सवाल उठाकर पार्टी को मुसीबत में डाल रहे हैं।

जबकि इस कानून के लिए जदयू ने केन्द्र की भाजपा सरकार को  समर्थन दिया था। आज पार्टी की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर को भाजपा के तत्‍कालीन राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के कहने पर पार्टी में लिया गया था और अब उन्‍हें रहना है तो रहें नहीं तो जाएं। उन्होंने कहा कि अगर पीके को पार्टी में रहा है तो उन्हें पार्टी के नियम कानून का पालन करना होगा।

नीतीश कुमार ने पहली बार प्रशांत  किशोर के लिए इस तरह के तल्ख शब्दों का प्रयोग किया है। हालांकि इससे पहले भी उन्होंने कभी पीके के बयानों को सख्ती से नहीं लिया। जबकि पीके ने अनुच्छेद 370 को लेकर भी बयान दिया था। बिहार के सीएम नीतीश ने कहा कि पार्टी में साधारण वर्ग के लोग हैं और ये पार्टी उन्ही लोगों की है। उधर प्रशांत किशोर का कहना है कि वो पटना जाकर सीएम नीतीश कुमार से मिलेंगे और अपना जवाब देंगे।
 

PREV

Recommended Stories

एस. आर. लुथरा इंस्टिट्यूट में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर तृतीय छात्र सम्मेलन, 7 टीमों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र
Inter School-Club Taekwondo Championship Surat: 16-18 जनवरी तक सूरत के 2000 खिलाड़ियों का महाकुंभ