‘जेल भेजो आम्रपाली के निदेशकों को’: निवेशकों ने अदालत में लगाई गुहार

Published : Jan 16, 2019, 05:32 PM IST
‘जेल भेजो आम्रपाली के निदेशकों को’: निवेशकों ने अदालत में लगाई गुहार

सार

सुप्रीम कोर्ट में आज आम्रपाली बिल्डर्स के मामले की सुनवाई हुई। जिसमें निवेशकों ने सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाई कि आम्रपाली के निदेशकों को तिहाड़ जेल में सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।   

आम्रपाली बिल्डर्स मामले की सुनवाई के दौरान निवेशकों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि आम्रपाली के डायरेक्टर होटल में रह रहे है। बाकियों की तरह इन्हें तिहाड़ जेल में क्यों नही रखा जा रहा है?

 मामले की सुनवाई के दौरान ऑडिटर्स ने कोर्ट को बताया कि बहुत सारे फ्लैट को बोगस बायर्स को दिया गया, जिन्होंने 50 रुपये में फ्लैट बुक कराये है। कोर्ट 24 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि आम्रपाली ने अपने फ्लैट को मिट्टी के दाम में बांट दिए गए है। 

यह भी कहा गया कि आम्रपाली के एक ग्रुप ने विदेशी कंपनी से मॉरीशस से 85 करोड़ रुपये मंगवाए। कोर्ट द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ने कोर्ट को बताया कि 1500 फ्लैट  मिट्टी के दाम पर अपने जान पहचान के लोगों को दिए है। 

आम्रपाली ने बड़ी संख्या में बोगस कंपनियां बनाई है, जिनके प्रमोटर / डायरेक्टर जैसे ऊंचे पदों पर हेल्पर जैसे ग्रेड फोर कर्मचारियों को रखा गया है। जिन्हें इस गडबड झाले की कोई ख़बर नहीं थी। 

एक विदेशी फाइनेंस कंपनी जेपी मोर्गन  के जरिये मॉरीशस से करोड़ो की रकम का हेरफेर किया। कोर्ट ने इस पर कंपनी के  भारत के प्रतिनिधि से जवाब तलब किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से कहा कि अब अधूरे प्रोजेक्ट के निर्माण का काम शुरू हो जाना चाहिए। 

24 जनवरी को होने  अगली सुनवाई में एनबीसीसी को बताना है कि किन प्रोजेक्ट का काम सबसे पहले शुरू किया जा सकता है।
 

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

Surat News: SGVS ने शुरू की दो नई प्रीस्कूल शाखाएं, एडमिशन शुरू
Surat Blood Donation Camp: BNI ग्रेटर सूरत ने जुटाईं 100 यूनिट रक्त, बड़ी पहल