आंध्र से जुड़े मामलों की जांच नहीं कर सकेगी सीबीआई, चंद्रबाबू सरकार ने 'सहमति' वापस ली

Published : Nov 16, 2018, 06:44 PM IST
आंध्र से जुड़े मामलों की जांच नहीं कर सकेगी सीबीआई,  चंद्रबाबू सरकार ने 'सहमति' वापस ली

सार

सीबीआई की गैरमौजूदगी में सर्च, छापे या जांच का काम एंटी करप्शन ब्यूरो करेगा। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने किया फैसले का समर्थन।

सीबीआई में मचे घमासान के बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने एक बड़े फैसले में राज्य से जुड़े मामलों की केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच के लिए दी गई आम सहमति को वापस ले लिया है। यह सहमित दिल्ली स्पेशल पुलिस स्टैब्लिशमेंट एक्ट 1946 के तहत दी गई थी। यह दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैब्लिशमेंट के सदस्यों को राज्य के भीतर अपनी शक्तियों और अधिकारक्षेत्र का प्रयोग करने का हक देती है। 

चंद्रबाबू नायडू सरकार के फैसले का सीधा अर्थ यह हुआ कि अब सीबीआई आंध्र प्रदेश की सीमाओं के भीतर किसी मामले में सीधे दखल नहीं दे सकेगी। राज्य सरकार ने सीबीआई की अनुपस्थिति में सर्च, छापे या जांच का काम एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से कराने का फैसला लिया है। इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि सीएम चंद्रबाबू नायडू ने सीबीआई के दुरुपयोग के आरोपों के बाद यह कदम उठाया गया है। 

एनडीए से अलग हुए चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि केंद्र राज्य में टीडीपी की सरकार को अपदस्थ करना चाहता है। केंद्र उनसे व्यक्तिगत प्रतिशोध लेने के लिए साजिश कर रहा है। नायडू ने यह भी आरोप लगाया था कि बिहार और अन्य राज्यों से गुंडों को कानून-व्यवस्था खराब करने के लिए आंध्र प्रदेश लाया जा रहा है।

खास बात यह है कि नायडू के इस फैसले का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी समर्थन किया है। 

 

 

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

Surat News: केंडोर IVF सेंटर के 6 साल पूरे, निःसंतान दंपतियों के लिए विशेष रियायत
Surat News: जीएम ग्रुप ने अभिनेता प्रतीक गांधी को बनाया ब्रांड एंबेसडर, सूरत इंडस्ट्रियल पार्क को नई पहचान