
लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप पीडिता के एक्सीडेंट मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। केन्द्र सरकार ने इसकी जांच का आदेश सीबीआई को दे दिया है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इसके लिए लिए केन्द्र सरकार से सिफारिश की थी। जिसके बाद केन्द्र ने उसे मान लिया है। फिलहाल सीबीआई जल्द ही इसकी जांच अपने हाथ में लेकर इस मामले की तह तक जाकर साफ करेगी कि ये हादसा था या फिर इसमें किसी की साजिश थी।
हालांकि पीडिता के परिजनों से भाजपा के उन्नाव से विधायक और पीड़िता के साथ गैंगरेप के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर पर लगाया है। उन्नाव गैंगरेप पीड़िता मामला अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के लिए मुसीबत बन गया है।
शनिवार को उन्नाव गैंगरेप पीड़िता अपनी चाची, मौसी और वकील के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी। लेकिन गुरुबक्शगंज थाने के पास एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। ये ट्रक उलटी दिशा से आ रहा था।
इस एक्सीडेंट में मौके पर ही गैंगरेप पीड़िता मामले में गवाह उसकी चाची और मौसी की मौत हो गयी है जबकि पीड़िता और उसका वकील अभी लखनऊ के ट्रामा सेंटर में गंभीर रुप से घायल है और वेंटिलेटर है।
अब इस मामले की नजाकत को देखते हुए योगी सरकार ने केन्द्र सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी। जिसके बाद केन्द्र सरकार ने सीबीआई को इसकी जांच सौंप दी है। हालांकि इससे पहले योगी सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
लेकिन अब सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद एसआईटी उसे अभी तक की जांच की रिपोर्ट सौंप देगी। फिलहाल विपक्षी दलों ने इसे साजिश करार दिया है। फिलहाल इस मामले में सीतापुर जेल में बंद भाजपा विधायक समेत दस लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
हालांकि कुलदीप सिंह सेंगर पहले से ही पीड़िता के बलात्कार के आरोप में जेल में बंद हैं। भाजपा का दावा है कि पार्टी ने उन्हें पहले ही पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब उनका पार्टी से कुछ लेना देना नहीं है।
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