
मेरठ--उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले एक युवक ने आरोप लगाया है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर आतंकवादी बनाने का खेल चल रहा है। पीडित युवक का आरोप है कि युवकों झांसा देकर फंसाने वाला एक गिरोह सक्रिय है जो फेसबुक या अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स के ज़रिए लोगों को अपनी जाल में फंसाते हैं।
युवक ने बताया कि उसे नौकरी लगवाने के बहाने दुबई भेज दिया गया। वहां उसे आतंकी बनने के लिए यातनाएं दी जाती थी। उससे कहा गया कि वह ईरान में आतंकवादियों के लिए काम करे।
युवक की मां ने इस संबंध में मेरठ के टीपीनगर थाना इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अपनी रिपोर्ट उन्होंने आरोप लगाया है कि हापुड़ के रहने वाले धर्मेंद्र सरदार नाम के व्यक्ति ने उससे 3 लाख रुपये लिए और दिल्ली में उसे दुबई की प्लाईट में बैठाया। उसने कहा कि वहां कई बड़ी कंपनी में मालिकों और मैनेजरों से उसकी जान-पहचान है और नागेंद्र को पैकिंग के कार्य पर लगाया जाएगा।
नागेंद्र को तनख्वाह के रूप में अच्छी खासी रकम भी मिलेगी। इसके बाद नागेंद्र आरोपी व्यक्ति के घर हापुड़ गया तो वहां उसकी पत्नी व एक अन्य युवक ने भी इसी तरह के सब्जबाग दिखाए। कमीशन के तौर पर 3 लाख रुपये ले लिए। नागेंद्र ने बताया कि उसे 13 नवंबर को एक माह का वीजा बनवाकर 19 नवंबर को नागेंद्र को दुबई भेज दिया गया। आरोप है, वहां कुछ लोगों ने नागेंद्र को बंधक बना लिया।
उस पर दबाव बनाया कि वह ईरान में जाकर उपद्रव व आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे। इन्कार किया तो उसे पीटकर अधमरा कर दिया और कई दिन भोजन नहीं दिया। नागेंद्र ने बताया कि उससे उसका पासपोर्ट मांगा गया तो उसने अपने पासपोर्ट को छुपा लिया और उनलोगों को पासपोर्ट नही दिया। नागेंद्र ने बताया कि किसी तरह वो वहां से निकल भागा और भीख मांगकर रुपये जुटाए और किसी तरह वापस भारत आया।
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साथ ही नागेंद्र और उसकी मां ने जब विदेश भेजने वाले लोगो से इसकी शिकायत कर अपना पैसा वापस मांग तो उन्होंने उसकी मां के साथ भी मारपीट की। वही इस मामले पर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कार्रवाई की जाएगी।
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