लालू यादव के खानदान में घमासान, बड़े बेटे तेजप्रताप ने कर दी बगावत

Published : Apr 02, 2019, 01:28 PM ISTUpdated : Apr 02, 2019, 01:46 PM IST
लालू यादव के खानदान में घमासान, बड़े बेटे तेजप्रताप ने कर दी बगावत

सार

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव के खानदान में बवाल मच गया है। उनके बड़े बेटे तेजप्रताप ने बगावत कर दी है। वह अपने ससुर चंद्रिका राय को सारण से टिकट देने से नाराज हैं। तेजप्रताप का अपनी पत्नी से तलाक का मामला चल रहा है। 

पटना:  बिहार में लालू यादव का परिवार में जबरदस्त तकरार चल रही है। बड़े बेटे तेजप्रताप ने खुलकर बगावत कर दी है। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल से अलग लालू-राबड़ी मोर्चा बनाने का ऐलान कर दिया है। 

यही नहीं तेजप्रताप खुलकर अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तेजस्वी चापलूसों से घिरे हुए हैं। 

तेजप्रताप ने आरोप लगाया कि आरजेडी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की कोई पूछ नहीं बची है। उन्होंने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने तो महज दो सीटें मांगी थीं, लेकिन मुझे इसका भी कोई जवाब नहीं मिला। 

तेजप्रताप ने कहा कि जिन्होंने अपना पूरा जीवन पार्टी में लगा दिया, लेकिन टिकट देने की बारी आई तो बाहरी को टिकट थमा दिया। 

तेजप्रताप ने सारण और शिवहर सीट पर दावा करते हुए कहा कि सारण सीट हमारी पुश्तैनी सीट है और यह सीट किसी और को नहीं देनी चाहिए थी। 

तेजप्रताप अपने भाई तेजस्वी से इतने नाराज हैं कि उन्होंने बयान दिया कि 'आज आरजेडी में मेरी कोई सुनने को तैयार नहीं है। बचपन में तो मैं तेजस्वी को थप्पड़ भी मार देता था, लेकिन अब हालात दूसरे हैं। अब तेजस्वी कोई बच्चा है कि जो उसे मैं समझाऊं? ऐसे में मेरे पास अलग मोर्चा बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। मेरा मोर्चा नौजवानों की आवाज बनेगा।'

तेजप्रताप ने आरजेडी में चापलूसी का कल्चर हावी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरा आग्रह है कि मां राबड़ी देवी सारण से चुनाव लड़ें। शिवानंद तिवारी ने पिता को जेल भिजवाया। उस समय वह मदद की भूमिका में क्यों नहीं थे? पार्टी के सीनियर नेता मदद के समय सामने नहीं आते, सिर्फ राय देते हैं। 

हालांकि पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजप्रताप पूरी तरह अपने भाई के खिलाफ नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से अपने माता-पिता और भाई के साथ हैं। 

तेज प्रताप और तेजस्वी की उम्र में सिर्फ एक साल का ही फर्क है। तेज प्रताप की उम्र 30 साल हैं जबकि तेजस्वी 29 साल के हैं। लालू यादव ने अपने इन दोनों बेटों को 2013 में पटना नें हुई परिवर्तन रैली के दौरान राजनीति का रास्ता दिखाया था। 

हालांकि बताया जाता है कि लालू अपने बड़े बेटे तेजप्रताप की तुलना में अपने छोटे बेटे तेजस्वी को ज्यादा महत्व देते हैं। वहीं राबड़ी देवी हमेशा यह कोशिश करती हैं कि तेजप्रताप को किसी तरह की उपेक्षा महसूस नहीं हो। 

इस तरह यादव परिवार के यह दोनों लाल मां और पिता के बीच बंट गए हैं। जिसका असर आरजेडी पर भी दिखने लगा है। 

तेजप्रताप की नाराजगी का दूसरा प्रमुख कारण उनका अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से विवाद भी है। जिनके साथ उनके तलाक का मुकदमा चल रहा है। जिसकी वजह से तेजस्वी अपने ससुराल पक्ष से नाराज रहते हैं। 

लेकिन तेजस्वी ने उनके ससुर चंद्रिका राय को सारण सीट से टिकट दे दिया है। जिसकी वजह से तेजप्रताप का गुस्सा और भड़क गया है। 
 

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

Surat News: केंडोर IVF सेंटर के 6 साल पूरे, निःसंतान दंपतियों के लिए विशेष रियायत
Surat News: जीएम ग्रुप ने अभिनेता प्रतीक गांधी को बनाया ब्रांड एंबेसडर, सूरत इंडस्ट्रियल पार्क को नई पहचान