
नई दिल्ली। पूर्व कानून मंत्री और देश के जाने माने वकील राम जेठमलानी का आज सुबह दिल्ली के उनके निवास पर निधन हो गया, वह 95 साल के थे। राम जेठमलानी ने दो साल पहले ही वकालत से सन्यास ले लिया था। जेठमलानी देश के सबसे बड़े वकीलों में शुमार थे और उन्होंने कई चर्चित केसों को अपने हाथ में लिया था और उन्हें जीता था। वह केन्द्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री भी रहे और कई सालों तक राज्यसभा सांसद भी रहे।
अपनी कानूनी दांवेपेंच के साथ ही जेटमलानी अपने बयानों के लिए भी जाने जाते थे। किसी दौर में वह सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले व्यक्ति थी। उन्होंने अपने जीवन में कई बड़े केस लड़े और जीते थे। वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी पिछले दो हफ्ते से गंभीर तौर पर बीमार थे। बढ़ती उम्र के कारण जेठमलानी ने अपने सत्तर साल के लंबे वकालत के करियर को दो साल पहले अलविदा कह दिया था।
हालांकि वह काफी सक्रिय थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनकी तबियत खराब चल रही थी। जिसके बाद आज सुबह उन्हें अपने आवास पर अंतिम सांस ली। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के शिकारपुर में जन्में जेटमलानी का परिवार बाद में भारत आ गया था और वह 18 साल की उम्र में वकील बन गए थे जबकि उस वक्त वकील बनने की उम्र 21 साल हुआ करती थी।
लेकिन में संसोधन कर उन्हें 18 साल की उम्र में वकील के लिए प्रैक्टिस की अनुमति दी गई थी। राम जेटमलानी ने कई चर्चित केसों को लड़ा। जिसमें राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों से लेकर चारा घोटाला मामले में आरोपी लालू प्रसाद यादव, संसद पर हमले के मामले में दोषी साबित हुए अफजल गुरु से लेकर सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में अमित शाह तक का केस भी लड़ चुके थे। राम जेठमलानी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रह चुके हैं और 2016 में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल का दामन थाम लिया था।
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