
मुंबई। कर्नाटक की तरह महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी का ऑपरेशन लोटस शुरू हो गया है। राज्य में कांग्रेस और एनसीपी के विधायक और नेता इस्तीफा दे रहे हैं। इसी क्रम में अब एनसीपी के तीन और कांग्रेस के एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया है।
जिसके बाद दोनों पार्टियों ने भाजपा पर अपने विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया है। कुछ दिन पहले ही कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने भाजपा और शिवसेना का दामन थामा था। वहीं एनसीसी के मुंबई के अध्यक्ष सचिन अहिर भी शिवसेना में शामिल हो चुके हैं, जो एनसीपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
राज्य में कांग्रेस और एनसीपी के विधायकों का टूटना जारी है। कुछ दिनों से दोनों दलों के बीच आरोप और प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है। कुछ दिन पहले ही एनसीपी मुखिया शरद पवार ने दावा किया था कि भाजपा उनके विधायकों और नेताओं को तोड़ रही है।
जबकि भाजपा का दावा था कि एनसीपी और कांग्रेस के पचास से ज्यादा विधायक भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और इशारा मिलते ही वह पार्टी में शामिल हो जाएंगे। पवार का कहना था कि भाजपा उसके विधायकों को तोड़ने के लिए सरकारी एजेंसियों का सहारा ले रही है। जिसे राज्य के सीएम देवेन्द्र फणवीस ने खारिज किया था।
लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और एनसीपी में इस्तीफों का दौर जारी है। मंगलवार को कांग्रेस के एक विधायक और एनसीपी के तीन विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली। इनमें कांग्रेस के कालिदास कोलाम्बकर और एनसीपी के शिवेंद्र सिंह भोसले, वैभव पिचाड और संदीप नाइक शामिल हैं।
चारों विधायकों ने विधानसभा स्पीकर हरिभाऊ बागड़े से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। ये नेता आज भाजपा में शामिल हो सकते हैं। शरद पवार के करीबी मधुकर पिचाड के बेटे वैभव और कांग्रेस के कोलम्बकर पहले ही भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर चुके हैं। अभी कर भाजपा में राधाकृष्ण विखे पाटील, उनके पुत्र सुजय विखे पाटील, रंजीत सिंह मोहिते पाटील, रंजीत सिंह नाईक निंबालकर जैसे दिग्गज नेता शामिल हो चुके हैं।
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