
अमेरिका ने ईरान पर आज फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। लेकिन खास बात यह है कि भारत को इससे छूट मिलेगी। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को ही इसकी घोषणा कर दी थी।
लेकिन जब उनके पूछा गया कि क्या उनको भरोसा है कि भारत अगले छह महीनों में ईरान से तेल खरीदना बंद कर देगा, तो वह इसका जवाब टाल गए।
हालांकि उन्होंने इस बात का भरोसा दिलाया कि ईरान सरकार के बर्ताव को बदलने में यह प्रतिबंध कारगर सबित होंगे।
अमेरिका ने ईरान के बैंकिंग और पेट्रोलियम क्षेत्र पर यह पाबंदी लागू की है। जिसके मुताबिक ईरान से तेल खरीदने वाले यूरोप, एशिया तथा अन्य सभी देशों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई में 2015 में हुये परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को परमाणु मुद्दे पर फिर से बातचीत की मेज पर वापस लाना चाहता है।
अमेरिकी सरकार ने कहा है कि वह साइबर हमले, बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण, पश्चिम एशिया में आतंकी समूहों का समर्थन जैसी ईरान की "घातक" गतिविधियों को रोकना चाहता है।
भारत और चीन, ईरान से कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं। अमेरिका के ताजा प्रतिबंध भारत के अलावा चीन, जापान, तुर्की, इटली, दक्षिण कोरिया, ताइवान और यूनान पर फिलहाल लागू नहीं होंगे।
अमेरिका पहले चाहता था कि भारत सहित सभी देश ईरान से पूरी तरह से तेल आयात बंद कर दें। लेकिन यदि ऐसा होने पर कच्चे तेल के बाजार में भारी उठापटक होने का खतरा था।
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