जानिए कहां है दुनिया का सबसे 'अकेला' कस्तूरी हिरन

Shashank Shekhar |  
Published : Mar 07, 2019, 04:34 PM ISTUpdated : Mar 07, 2019, 04:40 PM IST
जानिए कहां है दुनिया का सबसे 'अकेला' कस्तूरी हिरन

सार

यह ऊंचाई वाले इलाकों में पाया जाने वाला दुर्लभ जीव है। आमतौर पर ठंडे प्रदेशों में यह पाया जाता है। पूर्व में नैनीताल और दार्जिलिंग के चिड़ियाघरों में भी ये थे लेकिन सभी मर गए।   

हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले कस्तूरी हिरन जिक्र पौराणिक ग्रंथों तक में मिलता है। अब इस दुर्लभ जीव को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भारत के सभी चिड़ियाघरों में केवल एक ही मश्क डियर यानी कस्तूरी हिरन है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से आरटीआई के तहत मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है। भारत के चिड़ियाघरों का एकमात्र नर कस्तूरी हिरन हिमालयन नेचर पार्क कुफरी में है।  

सफेद पेट वाली हिरन की यह प्रजाति दुर्लभ है। इनके पेट में जो कस्तूरी (पॉड) पाई जाती हैं उनकी कीमत काफी ज्यादा होती है। पर्वतीय जंगली इलाकों में कुछ और कस्तूरी हिरन शेष बचे हो सकते हैं लेकिन भारत के चिड़ियाघरों में सिर्फ एक कस्तूरी हिरन ही जीवित बचा है। 

नोएडा के रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता रंजन तोमर ने 'माय नेशन' को बताया, 'यह काफी हैरान करने वाला है कि देश के सभी चिड़ियाघरों में महज एक ही कस्तूरी हिरन है। जू अथॉरिटी इसे लेकर चिंतित नजर नहीं आता। यह काफी भयावह स्थिति है। हम एक और प्रजाति को लुप्त होते नहीं देख सकते।'

सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) ने आरटीआई के जवाब में बताया कि तीन मार्च, 2018 से कुफरी चिड़ियाघर में सिर्फ एक नर कस्तूरी हिरन बचा है। 

तोमर के मुताबिक, चिड़ियाघर के अधिकारियों को जल्द ही इस मस्क डियर के लिए मादा साथी की तलाश करनी चाहिए। वह चाहें तो विदेश से मादा कस्तूरी हिरन ला सकते हैं। तोमर ने कहा, 'कुफरी चिड़ियाघर में नर हिरन पिछले साल मार्च से अकेले रह रहा है। एक साल निकल गया लेकिन इस बारे में कोई भी पहल नहीं की गई है।' दरअसल नर हिरन से मिलने वाली कस्तूरी का उपयोग परफ्यूम और खास प्रकार के साबुन बनाने में होता है।  

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह ऊंचाई वाले इलाकों में पाया जाने वाला जीव है। आमतौर पर ठंडे प्रदेशों में यह पाया जाता है। पूर्व में नैनीताल और दार्जिलिंग के चिड़ियाघरों में भी यह प्रजाति थी लेकिन सभी मर गए। 

 

भारत के चिड़ियाघरों में दुलर्भ प्रजातियों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। यह चिड़ियाघरकर्मियों की जिम्मेदारी होती है कि वह दुर्लभ जीवों के संरक्षण के लिए उनके विस्तार के लिए काम करें। चिड़ियाघरों की ओर से जानवरों की ब्रीडिंग और आदान-प्रदान के प्रयास किए गए लेकिन नतीजे कुछ खास नहीं रहे। 

हिरन की यह दुर्लभ प्रजाति हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में पाई जाती है। शिकारी इनके पेट से मिलने वाली कीमती पॉड के लिए इनका शिकार करते हैं। दरअसल, नर कस्तूरी हिरन के पेट में ऐसे पॉड पाए जाते हैं, जो सुगंधित होते हैं। यह काफी कीमती कॉस्मेटिक होती है। 

प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ (आईयूसीएन) के मुताबिक, अंतराष्ट्रीय बाजार में एक किलोग्राम के मस्क पॉड कीमत 45,000 अमेरिकी डॉलर है। 
 

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