
इंद्राणी मुखर्जी को आईएनएक्स मीडिया मामले में पिछले साल 5 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था। जिसके बाद कोर्ट ने सीबीआई को इंद्राणी मुखर्जी को गिरफ्तार करने की स्वीकृति दे दी थी।
दरअसल इंद्राणी मुखर्जी पर साल 2008 में आईएनएक्स मीडिया कंपनी में तय लिमिट से ज्यादा के विदेशी निवेश के मामले का आरोप है। कंपनी में जिस समय निवेश किया गया था उस समय मुखर्जी आईएनएक्स कंपनी की डायरेक्टर हुआ करती थी।
इंद्राणी मुखर्जी पर आरोप है कि 31 मई 2007 को आईएनएक्स मीडिया विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड के नियमो की अनदेखी की है। आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ एफआईपीबी की शर्तों के उल्लंघन करते हुए कर चोरी के एक मामले को रफा दफा कराने के लिए कार्ति चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया से रिश्वत ली थी।
आईएनएक्स मीडिया मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के साथ साथ आईएनएक्स मीडिया के पूर्व निदेशक पीटर और इंद्राणी मुखर्जी भी आरोपी है। पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी इस कंपनी के प्रवर्तक थे।
2007 में विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड ने आईएनएक्स में 350 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी।
सीबीआई ने पी चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते मिली इस मंजूरी में अनियमितता के मामले में15 मई 2017 को एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को भी गिरफ्तार किया गया था।
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