
चंडीगढ़। पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह कैप्टन ही नहीं बल्कि कई मामलों में कैप्टन हैं। कैप्टन के खिलाफ बगावत करने वाले नवजोत सिंह सिद्धू को उन्होंने कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। लेकिन तब से सिद्धू कैप्टन से नहीं मिले हैं। लेकिन एक बार फिर सिद्धू को कैप्टन की लीडरशिप स्वीकार करनी होगी। क्योंकि केन्द्र सरकार ने सिद्धू को करतारपुर साहिब जाने की इजाजत तो दे दी। लेकिन वह कैप्टन की अगुवाई में जाने वाले जत्थे के साथ ही वहां जा सकेंगे।
हालांकि केन्द्र सरकार ने सिद्धू को पाकिस्तान जाने की इजाजत तो दे दी है। लेकिन ये सिद्धू के लिए बड़ा झटका है। सिद्धू करतारपुर साहिब जाएंगे और दर्शन करें। लेकिन वह उदघाटन के मौके पर इमरान खान के अतिथि नहीं बन सकेंगे। क्योंकि उन्हें महज दर्शन करने की इजाजत है। वहीं सिद्धू को कैप्टन की अगुवाई में जाने वाली टीम का हिस्सा बनकर जाना पड़ेगा। गौरतलब है कि सिद्धू और कैप्टन में दुश्मनी जगजाहिर है।
सिद्धू ने केन्द्र सरकार को तीन बार पाकिस्तान जाने के लिए चिट्ठी लिखी है और अब उन्हें करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में जाने की मंजूरी मिल गई है। उन्हें वहां जाने के लिए लिए मंजूरी सिर्फ पंजाब सीएम के साथ वाले जत्थे में शामिल होकर जाने के लिए मिली है। असल में करतापुर कॉरडोर के पहले जत्थे में दर्शन करने वालों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, हरसिमरत कौर के अलावा कई देशी और विदेशी मेहमान भी हैं।
वहीं फिल्म अभिनेता सनी देओल भी पहले जत्थे के साथ जाएंगे। लेकिन इस जत्थे में सभी लोग तीर्थयात्री के तौर पर वहां के दर्शन करेंगे। वहीं सिद्धू को भी इसी जत्थे के साथ वहां के दर्शन करने होंगे। वहीं आम लोगों के लिए करतारपुर गलियारा 10 नवंबर से खोला जाएगा। जिसके लिए अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि उन्हें पासपोर्ट के साथ ही दर्शन की इजाजत मिलेगी या नहीं।
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