
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में आने वाले दिनों में बड़ी सियासी खबर आ सकती है। क्योंकि आलाकमान से नाराज चल रहे मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से कांग्रेस हटा दिया है। जबकि उसकी करीबी समर्थक मानी जाने वाली कैबिनेट मंत्री इमरती देवी ने अपने प्रोफाइल से कैबिनेट मंत्री हटा दिया है। लिहाजा माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस में चली आ रही तनातनी आने वाले दिनों में कमलनाथ सरकार के लिए मुश्किलें खड़ा कर सकती हैं।
फिलहाल अब सिंधिया ने ट्विटर अकाउंट से अपना परिचय कांग्रेस हटा दिया है। जबकि उन्होंने खुद को जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी बताया है। सिंधिया के इस कदम को आलाकमान के प्रति नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। क्योंकि पार्टी ने अभी तक राज्य में नए कांग्रेस अध्यक्ष को नियुक्त नहीं किया है। राज्य में कमलनाथ के पास सीएम के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष का भी पद है। जबकि सिंधिया इस पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं।
असल में राज्य में हुए चुनाव के बाद कमलनाथ गुट सिंधिया को राज्य से बाहर रखने में सफल रहा। क्योंकि सिंधिया को लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त कर दिया गया जबकि उसके बाद उन्हें महाराष्ट्र में चुनाव समिति की जिम्मेदारी दी गई। जबकि दोनों पर पर सिंधिया की कोई रूचि नहीं थी। पिछले दिनों ही सिंधिया और कमलनाथ के समर्थकों में परोक्ष तौर पर विवाद हुआ था। जिसके बाद सोनिया गांधी ने सिंधिया और कमलनाथ को दिल्ली तलब किया था।
हालांकि सोनिया गांधी सिंधिया से नहीं मिली थी जबकि उन्होंने कमलनाथ से मुलाकात की थी। राज्य में चर्चा है कि गुना लोकसभा सीट से हारने के बाद से ज्योतिरादित्य पार्टी में उपेक्षित चल रहे हैं। वहीं कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री इमरती देवी ने भी अपने ट्विटर प्रोफाइल से 'कैबिनेट मंत्री' का परिचय हटा दिया है। इमरती देवी सिंधिया समर्थक हैं और डाबरा से विधायक हैं।
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