जानें क्यों अशोक गहलोत ने दी मीडिया को ‘मीठी झिड़की ’

By Team MyNationFirst Published Dec 17, 2019, 9:01 PM IST
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राज्य में कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से मुलाकात के दौरान खुलेतौर पर कहा कि मीडिया को सकारात्मक खबरों को प्रसारित करना चाहिए। ताकि जनता को सरकारी योजनाओं को बारे में जानकारी हो सके। हालांकि अशोक गहलोत के मीडिया के साथ अच्छे संबंध हैं। उसके बावजूद उन्होंने मीडिया से राज्य सरकार के खिलाफ खबर नहीं छापने को कहना है।

जयपुर। राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने राज्य की मीडिया को प्यार भरी धमकी दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने मीडिया को परोक्ष तौर पर धमकी दी है कि अगर उसने राज्य सरकार के खिलाफ खबरों को प्रचारित और प्रसारित किया तो उसके विज्ञापन बंद कर दिए जाएंगे साथ ही सरकार ने कहा कि मीडिया राज्य सरकार की खबरों को प्रमुखता से छापे। गहलोत ने कहा कि उन्होंने पिछली सरकार में मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ आवाज उठाई थी और मीडिया का साथ दिया था। 

राज्य में कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से मुलाकात के दौरान खुलेतौर पर कहा कि मीडिया को सकारात्मक खबरों को प्रसारित करना चाहिए। ताकि जनता को सरकारी योजनाओं को बारे में जानकारी हो सके। हालांकि अशोक गहलोत के मीडिया के साथ अच्छे संबंध हैं। उसके बावजूद उन्होंने मीडिया से राज्य सरकार के खिलाफ खबर नहीं छापने को कहना है। गहलोत ने मीडिया कर्मियों से कहा कि सरकार कई तरह की योजना जनता के लिए चला रही है। लेकिन मीडिया हाउस इन खबरों को प्रसारित नहीं कर रहे हैं। लेकिन अगर यही सिलसिला चलता रहा तो मीडिया के विज्ञापनों को बंद कर दिया जाएगा।  

अशोक गहलोत ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन उन्होंने मीडिया के पक्ष में राज्य सरकार से लड़ाई लड़ी। लिहाजा अब मीडिया को राज्य सरकार का साथ देना चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर मीडिया ने सरकार के खिलाफ नकारात्मक खबरों को प्रसारित किया तो राज्य सरकार मीडिया हाउस का विज्ञापन रोक देगी।

उन्होंने कहा कि कई मीडिया हाउस करोड़ों के विज्ञापन लेने के बावजूद सरकार के खिलाफ खबर प्रकाशित करते हैं और सरकार की योजनाओं को अपनी खबरों के जरिए जनता नहीं पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया हाउस सरकार के खिलाफ खबरें प्रकाशित करते हैं और इन खबरों के लिए अपना पक्ष रखने के लिए सरकार को उन्हें फोन करना पड़ता है ताकि जनता के पास कोई गलत सूचना नहीं जाए।

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