नियाजी की दोस्ती में फंसा मलयेशिया,भारत के फैसले से हो सकता है कंगाल

Published : Jan 24, 2020, 08:21 AM IST
नियाजी की दोस्ती में फंसा मलयेशिया,भारत के फैसले से हो सकता है कंगाल

सार

मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कश्मीर और नागरिकता संशोधन कानून के लेकर भारत के खिलाफ बयान दिया था। यही नहीं संयुक्त राष्ट्र संघ में महातिर ने पाकिस्तान का साथ देते हुए कश्मीर के मुद्दे को उठाया था। जिसके बाद भारत ने सख्त रूख अपनाया था और कश्मीर का मु्ददा भारत का आंतरिक मामला बताया था।

नई दिल्ली। नागरिकता संसोधन कानून और अनुच्छेद 370 पर अपने दोस्त पाकिस्तान के चक्कर में मलयेशिया फंस गया है। भारत की सख्ती से मलयेशिया कंगाल हो सकता है। क्योंकि भारत अब मलयेशिया को किसी भी तरह की राहत देने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि मलयेशिया की तरफ से इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। लेकिन भारत उसे राहत नहीं देना चाहता है। माना जा रहा है कि भारत के प्रतिबंध लगा दिए जाने के बाद मलयेशिया को भारत को निर्यात करने में हर साल 11 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कश्मीर और नागरिकता संशोधन कानून के लेकर भारत के खिलाफ बयान दिया था। यही नहीं संयुक्त राष्ट्र संघ में महातिर ने पाकिस्तान का साथ देते हुए कश्मीर के मुद्दे को उठाया था। जिसके बाद भारत ने सख्त रूख अपनाया था और कश्मीर का मु्ददा भारत का आंतरिक मामला बताया था। लिहाजा अब भारत ने मलयेशिया को आर्थिक तौर पर झटका देना शुरू कर दिया है। फिलहाल भारत ने मलयेशिया से पाम ऑयल को लेकर सख्ती दिखाई है।

हालांकि भारत ने आधिकारिक तौर पर मलयेशिया पर पाम ऑयल के आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। लेकिन तेल आयातकों ने मलयेशिया के बजाए अब इंडोनेशिया से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि पाम ऑयल के साथ ही अब भारत अन्य उत्पादों के आयात पर रोक लगाने जा रहा है। जिसके कारण मलयेश‍िया को सालाना 11 अरब डॉलर का नुकसान होगा। भारत कच्चे तेल, रिफाइंड पाम ऑयल, क्रूड पाम ऑयल, कॉपर एवं एल्युमिनियम वायर, माइक्रोप्रोसेसर और अन्य कंप्यूटर उत्पादों पर प्रतिबंध लगा सकता है।

जिसके बाद मलयेश‍िया की आर्थिक तौर पर कमर ही टूट सकती है। भारत ने 2019 में मलयेश‍िया से 44 लाख पाम टन पाम ऑयल का आयात किया था। जो अब लगातार घट रहा है। वहीं कारोबारियों ने इंडोनेशिया की तरफ रूख करना शुरू कर दिया है।
 

PREV

Recommended Stories

एस. आर. लुथरा इंस्टिट्यूट में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर तृतीय छात्र सम्मेलन, 7 टीमों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र
Inter School-Club Taekwondo Championship Surat: 16-18 जनवरी तक सूरत के 2000 खिलाड़ियों का महाकुंभ