तेज बारिश की चपेट में महाराष्ट्र के कई इलाके , रत्नागिरी बांध टूटने से 9 लोगों की मौत

Published : Jul 03, 2019, 05:49 PM IST
तेज बारिश की चपेट में महाराष्ट्र के कई इलाके , रत्नागिरी बांध टूटने से 9 लोगों की मौत

सार

हादसे में बांध के पास बने करीबन 12 घर पूरी तरह से बह गए हैं। वहीं जानकारी लगते ही जिला प्रशासन ने राहत ऑपरेशन शुरु कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेम में जलस्तर बढ़ गया था। महारष्ट्र में तीन दिन से लगातार जोरदार बारिश हो रही है। राहत एजेंसियों ने निचले इलाके में लापता लोगों की मिलने की आशंका जताई है। 

मुंबई: महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बड़ा हादसा हो गया। जहां रत्नागिरी में बने तवरे डैम टूटने बाढ़ के हालात बन गए हैं वहीं 7 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बहुत ज्यादा पानी आ जाने के कारण कई लोग बह गए। हादसे में अबतक 9 से ज्यादा शव बरामद कर लिए गए हैं। अब भी 18 लोग लापता बताए जा रहे हैं। NDRF टीम राहत कार्य में जुट गई हैं। 

जिला प्रशासन ने राहत कार्य किया शुरु

हादसे में बांध के पास बने करीबन 12 घर पूरी तरह से बह गए हैं। वहीं जानकारी लगते ही जिला प्रशासन ने राहत ऑपरेशन शुरु कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेम में जलस्तर बढ़ गया था। महारष्ट्र में तीन दिन से लगातार जोरदार बारिश हो रही है। राहत एजेंसियों ने निचले इलाके में लापता लोगों की मिलने की आशंका जताई है। प्रशासन भी अभी किसी भी तरह के नुकसान के बारे में कुछ कहने से कतरा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस और कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है। 

भारी बारिश की चपेट में प्रदेश के कई इलाके 

 बांध से साथ बने लगभग 12 घरों के बाढ़ में बह जाने की खबर मिली है। इन्हीं घरों में रहने वाले लोगों के गायब होने की आशंका सबसे ज्यादा है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। घटनास्थल पर एनडीआरएफ की टीम को भी भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि बारिश के कारण बांध का जलस्तर बढ़ गया था। 

दरअसल रविवार से ही महाराष्ट्र में भारी बरसात हो रही है। राहत के कार्य में लगी एजेंसियों का कहना है कि बांध के पानी में बहे लोगों के निचले इलाकों में मिलने की संभावना है। लेकिन उन्हें अभी तक कितना नुकसान पहुंचा है, इस बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। 


प्रशासन पर लग रहा है लापरवाही का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि बांध टूटने के लिए प्रशासन की लापरवाही पूरी तरह जिम्मेदार है। क्योंकि सरकार ने बांध की मरम्मत को लेकर  उनकी दलीलों को नजरअंदाज किया था।

स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी कि बांध की दीवारों में दरार आ रही हैं। जिसकी वजह से भविष्य में बड़ा खतरा हो सकता है।  लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने इस आरोप की पुष्टि करते हुए कहा है कि तिवारे बांध के आसपास के ग्रामीणों ने बांध में दरार की शिकायत की थी।

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