आखिर किस वजह से अमरनाथ गुफा के पास टेंट में हुई डोभाल और सेना प्रमुख की मुलाकात?

Published : Aug 03, 2019, 08:21 PM ISTUpdated : Aug 03, 2019, 09:04 PM IST
आखिर किस वजह से अमरनाथ गुफा के पास टेंट में हुई डोभाल और सेना प्रमुख की मुलाकात?

सार

कश्मीर घाटी में लगातार हलचल हो रही है। इस बीच खबर आ रही है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुप्त रुप से कश्मीर की यात्रा की है। उनकी इस यात्रा की जानकारी किसी को नहीं दी गई। उन्होंने अमरनाथ गुफा के पास एक टेंन्ट में सेना प्रमुख बिपन रावत से मुलाकात की।   

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर इन दिनों खबरों के केन्द्र में है। वहां लगातार हलचलें हो रही हैं। अभी खबर मिली है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक बार फिर से जम्मू कश्मीर का दौरा किया। उनके इस दौरे की आधिकारिक रुप से किसी को जानकारी नहीं थी। 

वह गुप्त रुप से कश्मीर घाटी में गए। जहां उन्होंने अमरनाथ गुफा तक की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने पवित्र गुफा के पास एक टेन्ट में देश के सेनाध्यक्ष बिपन रावत से मुलाकात भी की। दोनों की मुलाकात काफी देर तक चली। इस दौरान डोभाल और रावत के बीच क्या चर्चा हुई इस बारे में तफसील से कुछ भी पता नहीं चल पाया है। 

हालांकि ज्यादा विवाद से बचने के लिए यह भी कहा जा रहा है कि अजीत डोभाल निजी तौर पर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ आए हुए थे। लेकिन किसी को यह जानकारी नहीं थी कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार छुट्टी पर हैं। अजीत डोभाल की इस यात्रा के बारे में किसी को विशेष जानकारी नहीं थी। उन्होंने अपनी यह यात्रा बेहद गुप्त रुप से संपन्न की। 

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यहां रुकने के दौरान उन्होंने किसी भी सुरक्षा बैठक या कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। 

डोभाल की इस गुप्त यात्रा ने कश्मीर में अफवाहों का बाजार और गर्म कर दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने सेनाध्यक्ष बिपन रावत से मुलाकात की है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुछ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। 

बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के नेतृत्व में कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी चल रही है। कुछ दिनों पहले भी डोभाल कश्मीर की यात्रा पर गए थे और वहां लौटने के बाद लगातार शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। जिसके बाद खबर आई कि  दक्षिणी कश्मीर में आतंक प्रभावित इलाकों में अगले महीने बड़ा अभियान चलेगा। 

दूसरी तरफ जिस प्रकार से कश्मीर में अलगाववादी नेताओं के सुर बदले हैं, उससे यह भी अटकलें तेज हुई हैं कि केंद्र सरकार कश्मीर में धारा 35 ए या परिसीमन को लेकर निर्णय कर सकती है। सुरक्षा बलों को इसलिए तैनात किया गया है कि ताकि विरोध प्रदर्शन से स्थिति को बिगड़ने से रोका जाए। हालांकि इस बात की भी आधिकारिक रुप से पुष्टि नहीं हुई है। 

लेकिन कश्मीर घाटी में अजीत डोभाल की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने पाकिस्तान और कश्मीर में पाकिस्तान परस्त ताकतों को चिंता में जरुर डाल दिया है। 

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