
नई दिल्ली-- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति यू सी ध्यानी को गंगा नदी के साफ-सफाई की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का प्रमुख नियुक्त किया है।
न्यायमूर्ति ए के गोयल की पीठ ने पूर्व में न्यायमूर्ति अरूण टंडन का नाम कमेटी के प्रमुख के तौर पर तय किया था। कमेटी का गठन इस साल छह अगस्त को हुआ था।
हालांकि, अधिकरण को बताया गया कि इलाहाबाद में आगामी कुंभ के आयोजन में वह व्यस्त होंगे जिसके कारण उनकी जगह दूसरे न्यायाधीश का नाम तय किया गया।
पीठ ने 29 नवंबर की तारीख वाले आदेश में कहा है कि कमेटी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आईआईटी के नामित सदस्य होंगे। सीपीसीबी के पहले जो प्रतिनिधि थे वही बने रहेंगे।
हालांकि, पीठ ने कहा है कि न्यायमूर्ति अरूण टंडन के नेतृत्व वाली कमेटी पहले से प्रस्तावित एक से तीन दिसंबर को होने वाली बैठक कर सकती है और इसमें न्यायमूर्ति यू सी ध्यानी तथा आईआईटी रूड़की के प्रतिनिधि हिस्सा ले सकते हैं।
निर्देश जारी करते हुए एनजीटी ने कहा है कि घुलनशील अपशिष्ट को अलग करने और इसके समुचित निस्तारण के लिए होटल, धर्मशाला और आश्रम तथा कुछ स्थानों के पास ठोस अपशिष्ट पैदा होने वाले स्रोतों के निकट विकेंद्रित प्रोसेसिंग सुविधाएं मुहैया करायी जानी चाहिए।
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