विपक्ष की जुबान बोल रहे हैं अल्पसंख्यकों पर जुल्म करने वाले नियाजी, नागरिकता संशोधन बिल पर दिया बड़ा बयान

Published : Dec 10, 2019, 03:56 PM ISTUpdated : Dec 10, 2019, 04:02 PM IST
विपक्ष की जुबान बोल रहे हैं अल्पसंख्यकों पर जुल्म करने वाले नियाजी, नागरिकता संशोधन बिल पर दिया बड़ा बयान

सार

पाकिस्तान में जहां लगातार अल्पसंख्यकों पर अत्याचार जारी हैं। वहीं पाकिस्तान के पीएम इमरान खान भारत के घरेलू मामलों में दखल देने से बाज नहीं आ रहे हैं। सोमवार को लोकसभा में पारित हुए नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पाकिस्तान बुरी तरह से तिलमिला हुआ है। पाकिस्तान भारत के विपक्षी दलों की तरह बयान दे रहा है। 

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल पर भारत में जहां एक ओर विपक्ष तिलमिलाया हुआ है वहीं पाकिस्तान ने भी इस मामले में जमकर भड़ास निकाली है। पाकिस्तान के पीएम ने इस पर जमकर आग उगलते हुए कहा कि इस कानून के जरिए भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंखन कर रही है।

पाकिस्तान में जहां लगातार अल्पसंख्यकों पर अत्याचार जारी हैं। वहीं पाकिस्तान के पीएम इमरान खान भारत के घरेलू मामलों में दखल देने से बाज नहीं आ रहे हैं। सोमवार को लोकसभा में पारित हुए नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पाकिस्तान बुरी तरह से तिलमिला हुआ है। पाकिस्तान भारत के विपक्षी दलों की तरह बयान दे रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत सरकार द्वारा इस बिल को लाने का मकसद आरएसएस की हिंदू राष्ट्र की सोच है।

पाकिस्तान के पीएम ने कहा कि इस बिल के जरिए मोदी सरकार अपनी विस्तारवादी सोच को आगे बढ़ाना चाहती है। गौरतलब है कि इस बिल में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़गानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। हालांकि कल विपक्षी दलों दलों ने इसका विरोध किया। लेकिन केन्द्र सरकार के पास बहुमत होने के कारण ये बिल लोकसभा में आसानी से पारित हो गया और बुधवार को इसे राज्यसभा में भी सदन के सामने रखा जाएगा।

लेकिन केन्द्र सरकार के पास कई विपक्षी दलों का समर्थन होने के कारण ये आसानी से पास हो जाएगा और इसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ये कानून बन जाएगा। कल ही इस बिल को पेश करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान समेत पड़ोसी देशों में हिंदू और अन्य अन्य अल्पसंख्यकों के साथ धार्मिक आधार पर अत्याचार हो रहे हैं। जिसके कारण उन्हें भारत में शरण लेनी पड़ रही है। अगर वहां पर अत्याचार न हो तो वह भारत में शरण नहीं लेंगे।
 

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