कांग्रेस का एक बागी विधायक लौटा बेंगलुरु, कहा इस्तीफा दिया है पार्टी नहीं छोड़ी

Published : Jul 11, 2019, 07:30 AM IST
कांग्रेस का एक बागी विधायक लौटा बेंगलुरु, कहा इस्तीफा दिया है पार्टी नहीं छोड़ी

सार

फिलहाल कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन पर खतरा गहराया हुआ है। कल ही दो विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी सरकार बचाने को हर तरह के जतन कर रहे हैं। लेकिन बागी विधायकों को मनाने में अभी तक विफल रहे हैं। राज्य में अभी तक 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इसके साथ ही दो निर्दलीय विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है।

कर्नाटक के कांग्रेस के बागी विधायक एसटी सोमशेखर बेगलुरू पहुंच गए हैं। वह उन 14 बागी विधायकों में जो इस्तीफा देने के बाद मुंबई चल गए थे। सोमशेखर ने कहा कि उन्होंने विधायक के पद से इस्तीफा दिया है। लेकिन पार्टी से नहीं। लिहाजा वह अभी भी कांग्रेस के सदस्य हैं।

कर्नाटक में चल रहे राजनैतिक घटनाक्रम में उस समय दिलचस्प मोड़ आया जब कांग्रेस के बागी विधायक एस टी सोमशेखर वापस बेंगलुरु आ गए हैं। सोमशेखर ने भी विधानसभा से अन्य 13 विधायकों के साथ इस्तीफा दिया था। उसके बाद वह सभीब विधायकों के साथ मुंबई चले गए, लेकिन कल रात अचानक सोमशेखर बेंगलुरू पहुंचे और उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दिया कांग्रेस पार्टी से नहीं।

वह अभी भी कांग्रेस के सदस्य हैं। फिलहाल एक बागी विधायक के लौटने से सरकार को थोड़ी राहत जरूर मिली है। क्योंकि कांग्रेस और जेडीएस को उम्मीद है कि आने वाले समय में और विधायक वापस आ सकते हैं। फिलहाल कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन पर खतरा गहराया हुआ है। कल ही दो विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया था।

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी सरकार बचाने को हर तरह के जतन कर रहे हैं। लेकिन बागी विधायकों को मनाने में अभी तक विफल रहे हैं। राज्य में अभी तक 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इसके साथ ही दो निर्दलीय विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। जिसके कारण सरकार अल्पमत में आ गयी है। अभी तक विधानसभा अध्यक्ष ने कुमारस्वामी से बहुमत साबित करने को नहीं कहा है और न ही बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर किया है।

गौरतलब है कि मंगलवार मुंबई पुलिस से जिन 10 विधायकों ने सुरक्षा मांगी थी, उसमें एसटी सोमशेखर भी शामिल थे। हालांकि कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार भी बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुंचे। लेकिन विधायकों ने उनसे मुलाकात नहीं की। उन्हें बाद में हिरासत में भी ले लिया गया था और उन्हें जबरन बेंगलुरु भेज दिया गया। 

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