एक ‘शव’ पति का, दावेदार सात पत्नियां

Published : Oct 02, 2019, 01:00 PM IST
एक ‘शव’ पति का, दावेदार सात पत्नियां

सार

उत्तराखंड में आजकल हरिद्वार पुलिस एक अबूझ पहेली से जूझ रही है। क्योंकि यहां एक मृतक व्यक्ति के शव के एक नहीं बल्कि सात पत्नियां दावेदार हो गई हैं। सभी महिलाएं मृतक को अपना पति बता रही हैं। सभी का दावा है कि मृतक उसका पति है। हालांकि मृतक कोई अमीर व्यक्ति नहीं है। उसके बावजूद सात महिलाएं उस व्यक्ति के शव का दावा कर रही है तो पुलिस को मुसीबत और ज्यादा बढ़ गई हैं। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में किसी तरह मृतक का दाह संस्कार किया गया है। 

देहरादून। राज्य के हरिद्वार जिले में एक ऐसा मामला आया है। जिसको लेकर पुलिस परेशान है। पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करे। क्योंकि यहां एक शव पर सात महिलाओं ने दावा किया है कि मृतक उसका पति था। पहले तो पुलिस के पास पांच महिलाओं ने दावा किया। लेकिन उसके बाद दो महिलाएं और सामने आ रही हैं। इस पहेली का पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है। जबकि मृतक गरीब है।

उत्तराखंड में आजकल हरिद्वार पुलिस एक अबूझ पहेली से जूझ रही है। क्योंकि यहां एक मृतक व्यक्ति के शव के एक नहीं बल्कि सात पत्नियां दावेदार हो गई हैं। सभी महिलाएं मृतक को अपना पति बता रही हैं। सभी का दावा है कि मृतक उसका पति है। हालांकि मृतक कोई अमीर व्यक्ति नहीं है। उसके बावजूद सात महिलाएं उस व्यक्ति के शव का दावा कर रही है तो पुलिस को मुसीबत और ज्यादा बढ़ गई हैं। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में किसी तरह मृतक का दाह संस्कार किया गया है।

लेकिन अभी तक ये पहेली सुलझी नहीं है। इसके बाद दो महिलाएं दावा करने को और पहुंच गई। जानकारी के मुताबिक जिले के रविदास बस्ती के रहने वाले पवन कुमार ड्राइवर थे। घर में आर्थिक तंगी के कारण उसे मंगलवार को आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद उसकी पत्नी उसे सरकारी अस्पताल में ले गई। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद वहां पर पुलिस पहुंची तो पुलिस का सिर चकरा गया। क्योंकि मृतक के शरीर पर दावा करने के लिए पांच महिलाएं पहुंची। सभी ने पवन को अपना पति बताया। ये मामला यहीं नहीं सुलझा था कि दो महिलाएं और वहां पर पहुंच गई।

जो पत्नी पवन को अस्पताल में ले गई थी। उसने दावा किया कि उसके 'पति' के जीवन में कोई और महिला नहीं थी। घंटों चले ड्रामे और झगड़े के बाद पुलिस ने किसी तरह मृतक का दाह संस्कार किया गया। इस मामले में पुलिस इस बात को लेकर भी परेशान है कि पवन कोई करोड़पति सेठ नहीं था और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था और उसके बैंक खाते में एक भी पैसा नहीं है।
 

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