कांग्रेस सांसद शशि थरूर का पीएम मोदी पर फिर विवादित बयान

Published : Oct 28, 2018, 06:41 PM IST
कांग्रेस सांसद शशि थरूर का पीएम मोदी पर फिर विवादित बयान

सार

इन दिनों अपनी नई किताब 'द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर' को लेकर चर्चा में हैं थरूर। पहले भी पीएम मोदी पर दे चुके हैं आपत्तिजनक बयान। भाजपा ने कहा, राहुल गांधी मांगे माफी।

कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी प्रहार जारी हैं। खासतौर पर पार्टी के सासंद शशि थरूर द्वारा पीएम मोदी पर विवादित कमेंट करने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। इस बार थरूर ने प्रधानमंत्री के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी शिवलिंग पर बैठे बिच्छू की तरह हैं।' हालांकि उन्होंने यहां यह बात जोड़ी कि आरएसएस के एक सूत्र ने यह बात एक जर्नलिस्ट को कही थी। 

थरूर इन दिनों अपनी नई किताब 'द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर' को लेकर  चर्चा में हैं। बंगलुरु लिट फेस्ट में हिस्सा लेने गए शशि थरूर ने यहां अपनी किताब से कुछ पन्ने पढ़े। उन्होंने कहा, 'एक असाधारण रूपक है जिसका जिक्र आरएसएस के अनाम सूत्र ने एक जर्नलिस्ट से किया था। मैंने उसका संदर्भ अपनी किताब में दिया है।' थरूर ने कहा, 'उसने कहा था कि मोदी शिवलिंग पर बैठे उस बिच्छू की तरह हैं, जिसे आप हाथ से हटा नहीं सकते और चप्पल से मार भी नहीं सकते।' 

थरूर के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिवभक्तों और पीएम के अपमान के लिए माफी मांगने को कहा है। प्रसाद ने कहा, 'एक तरफ राहुल गांधी खुद को शिवभक्त होने का दावा करते हैं, दूसरी तरफ उनके छोटे नेता चप्पल से हमले का जिक्र कर एक तरह से शिवलिंग की पवित्रता और भगवान महादेव का अपमान करते हैं।' प्रसाद ने कहा, 'राहुल गांधी, आप खुद को शिव भक्त बताते हैं, थरूर के भगवान महादेव की इस काफी भयावह निंदा के जवाब में माफी मांगिए।' 

इससे पहले, उन्होंने 'द हिंदू' लिट फॉर लाइफ डायलॉग 2018 में कहा था, 'कोई भी अच्छा हिंदू विवादित स्थान पर राम मंदिर नहीं चाहेगा। हिंदू अयोध्या को राम का जन्म स्थान मानते हैं इसलिए अच्छा हिंदू ढहाए गए पूजा स्थल पर राम मंदिर नहीं चाहेगा।' अगस्त महीने में भी थरूर ने कहा था कि 2019 में भाजपा जीती तो भारत 'हिंदू पाकिस्तान' बन जाएगा। उन्होंने कहा था भाजपा नया संविधान लिखेगी जो भारत को पाकिस्तान जैसे मुल्क में बदलने का रास्ता साफ करेगा, जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों का कोई सम्मान नहीं होगा। 

हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने इसका दोष मीडिया पर मढ़ दिया।  उन्होंने कहा, मीडिया ने उनके कथन को तोड़मरोड़ कर पेश किया। मीडिया पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

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