स्वच्छता के क्षेत्र में चार साल में की 60 साल से ज्यादा प्रगतिः पीएम मोदी

By Team MynationFirst Published Sep 15, 2018, 11:47 AM IST
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पीएम ने की ‘स्वच्छता ही सेवा मिशन’ की शुरुआत। कहा - किसी ने शायद यह सोचा भी नहीं होगा कि 4.5 लाख गांव, 450 जिले एवं 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश खुले में शौच से मुक्त हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वच्छता ही सेवा मिशन’ की शुरुआत की है। इसकी लांचिंग के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि गांधी जयंती तक हम लोगों को बापू के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए योगदान करना है। पीएम ने इस मिशन की शुरुआत के मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों की कई शख्सियतों से सीधा संवाद किया। इनमें उद्योगपति रतन टाटा, अभिनेता अमिताभ बच्चन, आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव, श्रीश्री रविशंकर, माता अमृतानंदमयी शामिल थी। इसके अलावा पीएम कश्मीर में तैनात आईटीबीपी के जवानों, छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों के लोगों, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य से भी बात की।  पीएम मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ और गुजरात के मेहसाणा में सक्रिय स्वच्छाग्रहियों से भी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की। पीएम ने स्वच्छता मिशन को लेकर मीडिया की भूमिका को भी सराहा। 

'Swachhata Hi Seva Movement' aims at fulfilling Bapu's dream of a Clean India. Watch. https://t.co/s9bZgT8mEl

— Narendra Modi (@narendramodi)

पीएम मोदी ने कहा, 'स्वच्छता का दायरा पहले 40 प्रतिशत था, अब यह  बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। किसने सोचा होगा कि 4 साल में हम स्वच्छता के मामले में इतनी प्रगति कर लेंगे, जितनी पिछले 60 से 70 सालों में न हो पाई। किसी ने न सोचा था कि 4 वर्ष में 8 करोड़ शौचालय बनेंगे। किसी ने शायद यह सोचा भी नहीं होगा कि 4.5 लाख गांव, 450 जिले एवं 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश खुले में शौच से मुक्त हो सकते हैं।' 

प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह सब आप सभी भारतवासियों और स्वच्छाग्रहियों के प्रयासों का परिणाम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 3 लाख लोगों की जिंदगी स्वच्छता के चलते बचाई जा सकेगी। लेकिन, सिर्फ शौचलय बनाने भर से भारत स्वच्छ हो जाएगा तो ऐसा नहीं है। स्वच्छता एक आदत है, जिसे नित्य के अनुभवों में शामिल करना पड़ता है।' 

उद्योपति रतन टाटा से बात करते हुए पीएम ने कहा कि टाटा ट्रस्ट ने स्वच्छता के इस मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का योगदान किया। वहीं रतन टाटा ने कहा कि स्वच्छता के इस आंदोलन से रोगों से लड़ने में मदद मिलेगी। हम आगे भी स्वच्छ भारत मिशन के साथ बने रहेंगे और कोशिश करेंगे कि तकनीक के जरिये भी इसमें कुछ योगदान दिया जाए। 

वहीं प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और सामाजिक अभियानों  में अमिताभ बच्चन के योगदान की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, 'आपने दो वर्ष पहले हरिवंश राय बच्चन के जन्मदिन को स्वच्छता से जोड़ा था। महान व्यक्ति की महान पंक्तियों से देश को जोड़ने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।' इसके बाद पीएम ने आईटीबीपी की जवानों और छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों के स्वच्छाग्रहियों से बात की। पीएम ने यूपी में स्वच्छता के मिशन को चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनकी टीम और यूपी की जनता को बधाई दी। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा, साल 2019 तक यूपी के हर परिवार के पास अपना शौचालय होगा। वहीं आर्ट ऑफ लिविंग के श्रीश्री रविशंकर ने कहा, हमें घर में साफ-सफाई की आदत डालनी होगी, सार्वजनिक जगहों पर सफाई के लिए जागरूकता की जरूरत है।  

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘स्वच्छता एक आदत है जिसको रोजाना के अनुभव में शामिल करना पड़ता है। ये स्वभाव में परिवर्तन का यज्ञ है जिसमें देश का जन-जन, आप सभी अपनी-अपनी तरह से योगदान दे रहे हैं ।’ मोदी ने कहा कि अस्वच्छता, गंदगी विशेषतौर पर गरीबों के जीवन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है, उसे बीमारी के दलदल में धकेल देती है। डायरिया जैसी अनेक बीमारियों का सीधा संबंध गदगी से है। ये बीमारियां लाखों जीवन हमसे छीन लेती हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमें इस बात का संतोष होना चाहिए कि स्वच्छ भारत अभियान के चलते डायरिया के मामलों में बहुत कमी आई है।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘साफ सफाई के प्रति जन जागरण एक बात है लेकिन जो कचरा हम पैदा करते हैं, उसका निपटान हमारे रास्ते का एक बड़ा रोड़ा है। ऐसे में कचरा प्रबंधन को हमें और प्रभावी बनाना होगा ।’

इससे पहले पीएम मोदी ने समाज के विभिन्न वर्गों के करीब 2000 लोगों को पत्र लिख कर इस सफाई अभियान का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित भी किया। 

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