सिक्किम प्रलय की दर्दनाक कहानी: उधर चल रहा था रेस्क्यू, इधर 4 दिन तक घर में नहीं जला चूल्हा, पूजा-पाठ कर...

Rajkumar Upadhyaya |  
Published : Oct 07, 2023, 06:11 PM IST
सिक्किम प्रलय की दर्दनाक कहानी: उधर चल रहा था रेस्क्यू, इधर 4 दिन तक घर में नहीं जला चूल्हा, पूजा-पाठ कर...

सार

सिक्किम में आए प्रलय में सेवा के जवानों के अलावा सिविलियन भी लापता हुए हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। पर लापता लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। प्रलय में सेना के 20 से ज्यादा जवान लापता हुए हैं। कुछ के शव मिले हैं, जबकि कुछ की खोज की जा रही है।

जयपुर। सिक्किम में आए प्रलय में सेवा के जवानों के अलावा सिविलियन भी लापता हुए हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। पर लापता लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। प्रलय में सेना के 20 से ज्यादा जवान लापता हुए हैं। कुछ के शव मिले हैं, जबकि कुछ की खोज की जा रही है। उनमें से एक जवान राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ निवासी भवानी सिंह हैं। 4 दिन रेस्क्यू के बाद कीचड़ से उनकी पार्थिव देह बाहर निकाली गई। 3 अक्टूबर को सिक्किम में बादल फटने से राजस्थान का यह जवान शहीद हो गया है। उस दरम्यान तीस्ता नदी में बाढ़ आ गई थी। उसके पास के इलाके में लगा सेना का कैंप तबाह हो गया था। 

कीचड़ से बरामद किया गया शहीद का पार्थिव शरीर

जानकारी के अनुसार, बीते 3 अक्टूबर को जब बादल फटा तो उसमें अलवर जिले के बहरोड़ निवासी जवान भवानी सिंह भी लापता हो गए। वह मोटर ट्रांसपोर्ट विंग में तैनात थे और साल 2013 में आर्मी ज्वाइन की थी। परिवार को यह सूचना मिली तो परिवार 4 दिन से पूजा पाठ में जुटा था। उधर रेस्क्यू आपरेशन चल रहा था। इधर बेटे की सलामती के लिए परिवार लगातार प्रार्थना कर रहा था। 4 दिन तक घर में चूल्हा नहीं जला। पर वह बच नहीं सकें। आज सवेरे लापता जवान भवानी सिंह की पार्थिव देह कीचड़ में पाया गया। उनका पार्थिव शरीर दोपहर में दिल्ली पहुंचा और वहां से अलवर भेजा गया। सड़क मार्ग से पैतृक गांव लाया गया। अब उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। यह सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

शहादत की सूचना मिलते ही बाजार हो गए बंद

भवानी सिंह की शहादत की सूचना मिली तो बहरोड़ और बर्डोद के बाजारों के शटर गिर गए। पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बर्डोद स्थित उनके खेत में किया जाएगा। उनके घर के बाहर रिश्तेदारों, परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिवार के लोगों को रो रोकर बुरा हाल है। शहीद की मां और पत्नी को इसकी जानकारी नहीं दी गई है।  

हवलदार सज्जन सिंह का पार्थिव शरीर मिला

सीकर जिले के एक पलसाना के रहने वाले हवलदार सज्जन सिंह भी सिक्किम प्रलय में नहीं रहे। वह महार रेजीमेंट में तैनात थे। सिक्किम में जिस समय जल प्रलय आया। उस समय वह बाढ़ प्रभावित इलाके में अपनी यूनिट के साथ मौजूद थे। उनका भी पार्थिव शरीर सीकर पहुंचाया जा रहा है।

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