राजस्थान के टोंक विधानसभा क्षेत्र में सचिन पायलट को चुनौती देंगे वसुंधरा के मंत्री यूनुस खान

Published : Nov 19, 2018, 03:02 PM IST
राजस्थान के टोंक विधानसभा क्षेत्र में सचिन पायलट को चुनौती देंगे वसुंधरा के मंत्री यूनुस खान

सार

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की पांचवीं सूची जारी कर दी है और प्रदेश सरकार में मंत्री यूनुस खान को पार्टी ने टोंक से उम्मीदवार बनाया है।  

नई दिल्ली- राजस्थान के टोंक से बीजेपी द्वारा यूनुस खान को टिकट देने से मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। इस सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की दौड़ में शामिल माने जा रहे सचिन पायलट चुनाव लड़ रहे हैं । यूनुस खान इस सीट पर पार्टी के पूर्व घोषित उम्मीदवार अजीत सिंह मेहता का स्थान लेंगे । 

भाजपा केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी पांचवी सूची के अनुसार, यूनुस खान के अलावा कोटपुतली से मुकेश गोयल, बहरोड़ से मोहित यादव, करौली से ओ पी सैनी, केकड़ी से राजेन्द्र विनायक, डीडवाना से जितेन्द्र सिंह जोधा, खींवसर से रामचन्द्र उत्ता और खैरवाड़ा से नानालाल आहरी को उम्मीदवार बनाया गया है ।

यूनुस खान की परंपरागत सीट डीडवाना है, लेकिन टोंक सीट से पायलट के मैदान में उतरने के बाद भाजपा ने अपनी रणनीति बदलते हुए उन्हें टोंक से उतारा है ।

उल्लेखनीय है कि भाजपा की पहली सूची में 131 और दूसरी सूची में 31 उम्मीदवारों की घोषणा की गई थी। इसके बाद पार्टी ने 8 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था। झालरापाटन के मैदान में वसुंधरा राजे और मानवेंद्र सिंह आमने-सामने होंगे।

भाजपा ने अपनी चौथी सूची में 24 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। 

पार्टी ने सवाई माधोपुर से विधायक दीया कुमारी की जगह आशा कुमारी मीणा को टिकट दिया है।

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

Vishwa Navkar Mahamantra Divas 2026: सूरत में JITO का भव्य महाजाप, अमित शाह की वर्चुअल उपस्थित के साथ 108 देशों की भागीदारी
World Health Day पर वेसु के GD Goenka स्कूल में Teen Skin Care पर जागरूकता सत्र, डॉ. जगदीश सखिया के अहम टिप्स