
नई दिल्ली: सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दोनों कंपनियों पर जरूरी सूचना उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है।
सारदा घोटाले मामले में सीबीआई ने पहले ही कोर्ट में पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों और कोलकाता के पूर्व पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार पर जांच में सहयोग न करने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दाखिल कर रखी है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सीबीआई की ओर से दाखिल प्रगति रिपोर्ट को देखने के बाद टिप्पणी करते हुए कहा था कि बहुत गंभीर तथ्य सामने आए है। सीबीआई ने राजीव कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फोन सेवाप्रदाता कंपनियों से प्राप्त साक्ष्यों से छेड़छाड़ की है और सीबीआई को अपूर्ण साक्ष्य दिए हैं।
इन आरोपों को देखते हुए सीबीआई की ओर से एयरटेल और वोडाफोन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई यह नई अर्जी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सीबीआई ने कहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसे सीमित दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। सीबीआई ने उन फोन नम्बरों का भी ब्योरा दिया है, जिनके सीमित सीडीआर उपलब्ध कराए गए हैं।
एजेंसी का कहना है कि उसने वोडाफोन और एयरटेल को जुलाई 2012 में पत्र भेज कर पूरा ब्योरा मांगा था। यह भी बताने के लिए कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उससे किस अवधि की सीडीआर मांगी थी और उसने किस अवधि की सीडीआर पश्चिम बंगाल पुलिस को उपलब्ध कराई थी।
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