
नई दिल्ली। आज की नई सुबह के साथ ही देश के दो केन्द्र शासित राज्य अस्तित्व में आ गए हैं। जम्मू कश्मीर को दो हिस्सों में तोड़कर दो केंद्रशासित राज्य बन गए हैं। जिसके बाद भारत का इतिहास बदल गया है। अब देश में 28 राज्य और 9 केन्द्र शासित राज्य हो गए हैं। वहीं इसके बाद दोनों राज्यों की कमान उपराज्यपालों को दी गई है। इस बदलाव के बाद कई कानून इन राज्यों में अस्तित्व में आ गए हैं।
आज जम्मू कश्मीर अब केन्द्र शासितत राज्य हो गया है। वहीं लद्दाख भी केन्द्र शासित राज्य बन गया है। जिसके बाद देश में राज्यों की संख्या कम होकर 28 हो गई है वहीं दो केन्द्र शासित राज्य बढ़ गए हैं और इनकी संख्या 7 से बढ़कर 9 हो गई है। इसके लिए केन्द्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। जिसके बाद जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया है। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म कर दिया था।
वहीं जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित राज्यों में विभाजित करने का ऐलान किया था। लेकिन आज का दिन केन्द्र सरकार ने इसलिए चुना क्योंकि आज लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती है। पटेल ने देश को एक जुट किया था। जिसके कारण केन्द्र सरकार ने आज के ही दिन को इसके लिए चुना। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पुडुचेरी की तरह ही विधानसभा होगी जबकि लद्दाख, चंडीगढ़ की तर्ज पर बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा।
केन्द्र सरकार ने नौकरशाह आर के माथुर लेह का उपराज्यपाल और गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू कश्मीर का उपराज्यपाल बनाया है। राज्य में आज से कई बदलाव हुए हैं। आज से इन दोनों राज्यों में भारत का संविधान लागू हो गया है और कोई अलग झंडा इन राज्यों का नहीं होगा। यही नहीं केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण होगा जबकि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में रहेगा।
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