बच्चे ने गाड़ी पर हाथ लगाया तो पड़ोसी ने मार दी गोली

By Team MyNationFirst Published Aug 14, 2019, 10:05 AM IST
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जानकारी के मुताबिक इंदिरानगर के सेक्टर-12 में एक निजी कंपनी के जोनल बिजनेस मैनेजर अभिषेक श्रीवास्तव पत्नी दीपिका, बेटे अयांश के साथ रहते हैं। रात करीब 11:30 बजे वह अपने बेटे के साथ घर के बाहर सड़क पर टहल रहे थे। तभी उनके बेटे का हाथ पड़ोस में रहने वाले अतुल यादवेंद्र की कार में लग गया। इसके बाद पड़ोसी ने अपने भाई के साथ वहीं पर हंगामा करना शुरू कर दिया। 

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक पड़ोसी वकील ने एक व्यक्ति को गोली इसलिए मार दी क्योंकि उसके मालिक के बच्चे ने उसकी गाड़ी पर हाथ लगाया था। लखनऊ के इंदिरानगर में रहने वाले एक निजी कंपनी के जोनल मैनेजर अभिषेक श्रीवास्तव के नौकर को उनके पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने गोली मार दी। यही नहीं आरोपियों ने अभिषेक की पत्नी से मारपीट की। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी वकील को गिरफ्तार कर लिया है।

बच्चे के वकील की गाड़ी पर हाथ लगाने से दोनों के बीच विवाद हो गया। जानकारी के मुताबिक इंदिरानगर के सेक्टर-12 में एक निजी कंपनी के जोनल बिजनेस मैनेजर अभिषेक श्रीवास्तव पत्नी दीपिका, बेटे अयांश के साथ रहते हैं। रात करीब 11:30 बजे वह अपने बेटे के साथ घर के बाहर सड़क पर टहल रहे थे। तभी उनके बेटे का हाथ पड़ोस में रहने वाले अतुल यादवेंद्र की कार में लग गया।

इसके बाद पड़ोसी ने अपने भाई के साथ वहीं पर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बीच बीच बचाव में पत्नी भी आई तो दोनों भाइयों ने उनसे भी अभद्रता के साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों भाईयों ने दीपिका के पेट पर लात मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गईं। इसी बीच नौकर जब बीच बचाव में आया तो उन्होंने अजय गुप्ता को गोली मार दी। हालांकि अभिषेक का कहना है कि शेखर के कहने पर अतुल ने जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी लेकिन गोली नौकर अजय गुप्ता की पीठ में जा लगी।

गोलियों की आवाज सुनने के बाद मोहल्ले वाले जब घर से निकले तो खुद को घिरता देख आरोपित अतुल असलहा लहराते हुए मौके से फरार हो गया। अजय का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने एक आरोपित अधिवक्ता शेखर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका भाई फरार चल रहा है। उधर वकील का मामला होने के कारण कई वकील थाने में पहुंच कर आरोपी की पैरवी करने लगे और पुलिस पर दबाव बनाने लगे। a

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