माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज में हाईअलर्ट: 31 दिन बाद त्रिवेणी तट से विदा होंगे कल्पवासी

Surya Prakash Tripathi |  
Published : Feb 23, 2024, 04:27 PM IST
माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज में हाईअलर्ट: 31 दिन बाद त्रिवेणी तट से विदा होंगे कल्पवासी

सार

प्रयागराज के संगम तट पर 24 फरवरी को कल्पवास का आखिरी दिन होगा शनिवार को स्नान और पूजन अर्चन के बाद कल्पवासी अपने-अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर देंगे। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रयागराज एवं माघ मेला पुलिस अलर्ट मोड पर है।

प्रयागराज। गंगा जमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर शुरू कल्पवास का 24 फरवरी को आखिरी दिन होगा। माघी पूर्णिमा स्नान के बाद कल्पवासी संगम की रेती से अपनी गृहस्थी समेट कर अपने-अपने घरों की ओर लौट जाएंगे। 31 दिन तक की तपस्या पूरी होने के बाद त्रिवेणी तट से अगले वर्ष फिर आने का आशीष लेकर जाएंगे।कल्पवासियों के लौट के बाद प्रयागराज की ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किया है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से भी पूरे महानगर को रेड अलर्ट पर रखा गया है।
 

25 जनवरी से शुरू हुआ था कल्पवास 
माघ मास की पौष पूर्णिमा से लेकर माघी पूर्णिमा तक प्रयागराज के संगम तट पर लगने वाला मेला विश्व के सबसे बड़ी गैदरिंग के रूप में जाना जाता है। यहां संगम की रेती पर गृहस्थ आश्रम के मुखिया एक महीने तक एक वक्त का भोजन करके दोनों वक्त स्नान, ध्यान और भजन कीर्तन करते हैं। उनकी सुरक्षा संरक्षा और संसाधनों की उपलब्धता के लिए शासन स्तर पर व्यापक व्यवस्था की जाती है। इस बार कल्पवासियों का कल्पवास 25 जनवरी से शुरू हुआ और कल 24 फरवरी को समाप्त हो जाएगा। टेंट सिटी के रूप में पहचान बनाने वाले माघ मेला क्षेत्र में लाखों कल्पवासी कल्पवास करते हैं।
 

मकर संक्रांति से आने वालों ने किया 41 दिन तक कल्पवास
महंत नित्यानंद गिरी महाराज के अनुसार माघ मेले में कल्पवास एक माह का होता है। अबकी बार पौष पूर्णिमा से  माघ पूर्णिमा तक रहने वाले लोग 30 दिनों का कल्पवास किया। मकर संक्रांति के दिन से रहने वाले कल्पवासी 40 दिन का कल्पवास किए। नियमित और संयमित दिनचर्या ही यहां की पहचान है। मान्यता है कि कल्पवास से कायाकल्प हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 
 

पुलिस कमिश्नर ने फोर्स को ब्रीफ किया
24 फरवरी को माघी पूर्णिमा के साथ ही माघ मास का कल्पवासियों का अंतिम स्नान पर्व है। स्नान के बाद सभी कालवासी अपने घरों की ओर लौटेंगे। इसके लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रयागराज प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रोहित शर्मा व एसएसपी माघमेला डा राजीव नारायण मिश्र ने शुक्रवार को बाकायदा फोर्स को ब्रीफ किया। उन्होंने शक्ति हिदायत दी है कि किसी भी कल्पवासी के साथ दुर्व्यवहार न किया जाए। शहर के होटल, ढाबों, धर्मशालाओं और सार्वजनिक स्थानों पर निगाह रखी जा रही है। संदिग्ध लोगों का आईडी चेक वेरिफिकेशन किया जाए।
 

पुलिस फोर्स को एलर्ट मोड पर रहने का निर्देश
माघ मेला क्षेत्र में 10 कंपनी पीएसी एटीएस कमान कमांडो की क्या टीम बीडीएस आर सिविल पुलिस के साथ 25 डिप्टी एसपी चार्ट एडिशनल एसपी को तैनात किया गया है कमांड सेंटर पर भी निगरानी रखी जा रही है पूरे माघ मेला क्षेत्र को 300 सीसीटीवी कैमरा के जरिए लाइव टेलीकास्ट भी देखा जा रहा है।
 

पार्किंग स्थल से घाट तक ई रिक्शा से जायेंगे दिव्यांग श्रद्धालु
इस दौरान दिव्यांग श्रद्धालु ऑन को संगम स्नान करने में सुविधा देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पार्किंग से गंगा घाट तक उन्हें ई-रिक्शा से ले जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि वह आराम से संगम स्नान कर वापस लौट सकें। इसके लिए पुलिस की अलग टीम लगाई गई है। प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज संगम, सूबेदारगंज, झूंसी, रामबाग, नैनी, छिवकी प्रयागराज जंक्शन समेत सभी रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डे पर भी सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी रखी गई है। शहरी क्षेत्र में भारी वाहन का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया है।
 

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