किसकी सुनेंगे विधायक, अंतरात्मा या फिर पार्टी

Published : Jun 19, 2020, 09:47 AM IST
किसकी सुनेंगे विधायक, अंतरात्मा या  फिर पार्टी

सार

राज्य में राज्यसभा चुनाव के लिए चार प्रत्याशी हैं और  राज्य की विधायकों की संख्या के देखते हुए कांग्रेस दो प्रत्याशी आसानी से जीत सकते हैं। लेकिन कांग्रेस को डर है कि राज्य में कांग्रेस के कुछ नाराज विधायक ऐन मौके पर खेल कर सकते हैं।  हालांकि नामांकन से पहले विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस के दो और भाजपा के एक प्रत्याशी का निर्विरोध जीतना तय था।

जयपुर। राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आज होना वाला चुनाव दिलचस्प हो गया है। राज्य में तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं भाजपा सत्तारूढ़ कांग्रेस की फूट का फायदा उठाने की जुगत में है। भाजपा अंतरात्मा की आवाज के नाम पर कांग्रेस के नाराज विधायकों को कांग्रेस के खिलाफ तैयार कर रही है। पार्टी में एक धड़ा राज्य के सीएम के खिलाफ है और भाजपा इसका लाभ लेने की तैयारी में है।


राज्य में राज्यसभा चुनाव के लिए चार प्रत्याशी हैं और  राज्य की विधायकों की संख्या के देखते हुए कांग्रेस दो प्रत्याशी आसानी से जीत सकते हैं। लेकिन कांग्रेस को डर है कि राज्य में कांग्रेस के कुछ नाराज विधायक ऐन मौके पर खेल कर सकते हैं।  हालांकि नामांकन से पहले विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस के दो और भाजपा के एक प्रत्याशी का निर्विरोध जीतना तय था। लेकिन बाद में भाजपा ने दूसरे प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया। वहीं कांग्रेस के दूसरे प्रत्याशी के रूप में नीरज डांगी का नाम सामने आने के बाद पार्टी के एक धड़े में नाराजगी सामने आई है।

डांगी को राज्य के सीएम अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है और डांगी तीन बार विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी उन्हें राज्यसभा के टिकट दिया गया। जिसको लेकर राज्य के कांग्रेस के विधायकों में नाराजगी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट गुट के नेता और विधायक ही नहीं बल्कि कई अन्य विधायक भी डांगी को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। लिहाजा कांग्रेस को डर है कि राज्य में कांग्रेस विधायक चुनाव के ऐन वक्त पर कुछ खेल सकते हैं। लिहाजा पिछले एक हफ्ते से कांग्रेस के विधायकों को रिसार्ट में ठहराया गया है।

 राज्य में कांग्रेस के पास 100 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास खुद के 72 ही विधायक हैं। हालांकि ऐसे में 28 विधायकों का भाजपा के समर्थन में आना मुश्किले है। लेकिन कांग्रेस के दस से बारह विधायक क्रॉस वोट कर दें और निर्दलीय भी साथ आ जाएं तो कांग्रेस का दूसरे प्रत्याशी के लिए खेल बिगड़ सकता है। लिहाजा अब भाजपा ने कांग्रेस के विधायकों से अंतरात्मा की आवाज सुनने के लिए कहा है। भाजपा अंदरखाने कांग्रेस की कमजोर कड़ियों से संपर्क में है

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