योगी सरकार लाएगी लव जेहाद के खिलाफ अध्यादेश, धर्म बदलवाकर शादी करने वालों की शामत

Published : Sep 18, 2020, 07:10 PM IST
योगी सरकार लाएगी लव जेहाद के खिलाफ अध्यादेश, धर्म बदलवाकर शादी करने वालों की शामत

सार

पिछले दिनों ही राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को लव जेहाद की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था। राज्य में लगातार लव जेहाद के मामले सामने आ रहे हैं। 

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों के द्वारा किए जा रहे लव जेहाद के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर देश की योगी आदित्यनाथ सरकार इसके लिए अध्यादेश लाने जा रही है।  राज्य में लव जेहाद की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी में है और इसके लिए विशेष कानून  का अध्ययन  कर रही है।

पिछले दिनों ही राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को लव जेहाद की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था। राज्य में लगातार लव जेहाद के मामले सामने आ रहे हैं। सभी मामलों में हिंदू लड़कियों की शादी मुस्लिमों युवकों के साथ हुई है और सभी की दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई है। जिसमें मुस्लिम लड़कों ने हिंदू लड़के के नाम पर अपनी प्रोफाइल बनाई है और हिंदू लड़की से दोस्ती की है। कई मामलों में तो हिंदू लड़की की धर्मांतरण कराकर उसकी हत्या भी कर दी गई है।  

लिहाजा राज्य सरकार ने इन तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने का निर्देश दिया था। फिलहाल सीएम योगी के आदेश के बाद अध्यादेश भी लाने की तैयारी है और गृह विभाग से लेकर न्याय विभाग तक सक्रिय हुआ। फिलहाल राज्य में जव जेहाद के कानूनों की समीक्षा की जा रही है।  राज्य के पुलिस विभाग का भी मानना है कि प्यार और शादी के नाम पर युवतियों का धर्मांतरण कराया गया और और बाद में क्रूरता की हदों को पार करते हुए हिंदू युवतियों की हत्या भी कर दी गई है। वहीं पिछले दिनों कानपुर की घटना को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था। 

वहीं राज्य के विधि आयोग ने पिछले वर्ष मुख्यमंत्री को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें जबरन धर्मांतरण की घटनाएं रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही गई है और इसके लिए नया कानून बनाने का सुझाव दिया था। आयोग का कहना था कि मौजूदा कानूनी प्रावधान धर्मांतरण की जांच करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। वहीं इसके साथ ही आयोग ने पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, म्यांमार, भूटान, श्रीलंका और पाकिस्तान में बनाए गए धर्मांतरण विरोधी कानूनों का जिक्र करते हुए कठोर कानून बनाने की वकालत की है। 

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