
नई दिल्ली। देश की सभी कम्पनियां फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की पहली तिमाही के लिए डिविडेंड यानी लाभांश घोषित कर रही हैं। कई कम्पनियां तो इसका ऐलान भी कर चुकी है। शेयरधारकों के एकाउंट में यह पैसा नगद धनराशि के रूप में डिपॉजिट की जाएगी। पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस डिविडेंड पर टैक्स वसूलता है। ऐसे में ITR filing 2024 से पहले आप यह जरूर जान लें कि टैक्स पर छूट कैसे ली जा सकती है? आइए उसके बारे में जानते हैं।
5 हजार से अधिक लाभांश पर 10 फीसदी टीडीएस
आर्थिक मामलों के जानकार कहते हैं कि आयकर एक्ट, 1961 की धारा 194 के तहत डिविडेंड के भुगतान स्रोत पर टीडीएस के रूप में कर कटौती लागू है। यदि आपको म्यूचुअल फंड पर या किसी कम्पनी द्वारा 5 हजार रुपये से ज्यादा का लाभांश यानी डिविडेंड दिया जाता है तो 10 फीसदी की सामान्य दर से टीडीएस की कटौती होगी।
फॉर्म 16A जारी करते हैं वित्तीय संस्थान
जानकार कहते हैं कि यदि आपको मिलने वाले लाभ के भुगतान से टीडीएस काटा गया है तो डिविडेंड देने वाली वित्तीय संस्था आपको फॉर्म 16A जारी करेगी। फॉर्म में टीडीएस की धनराशि के अलावा भुगतान किए जाने वाले रुपयों का भी लेखा जोखा होता है। कटौतीकर्ता यह फॉर्म तिमाही आधार पर जारी करता है, जो TDS रिटर्न पेश करने की निर्धारित डेट के 15 दिनों के भीतर होती है।
कैसे मिल सकती है डिविडेंट पर इनकम टैक्स छूट?
सीए आशीष सिंह कहते हैं कि कम्पनी या म्यूचुअल फंड पर हुई इनकम पर टैक्स से छूट एक ही तरीके से पाया जा सकता है। उनके मुताबिक, धारा 57 के तहत ब्याज व्यय का दावा किया जा सकता है। जैसे—यदि किसी शख्स ने शेयर में इंवेस्टमेंट के लिए उधार पैसे लिए हैं तो लोन ली गई धनराशि पर ब्याज कटौती के रूप में मंजूरी मिलेगी। इसके अलावा अन्य किसी तरह के व्यय की लाभांश आय से कटौती की अनुमति नहीं है। जैसे-ब्रोकरेज फीस या प्रशासनिक लागत आदि।
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