बजट से बाजार को चार उम्मीदें

बजट से बाजार को चार उम्मीदें

Published : Feb 01, 2020, 11:02 AM IST

सुधारों की बड़ी उम्मीदों और कर दरों में कमी के बीच सरकार के पास मौजूदा मंदी से निपटना और राजकोषीय संतुलन बनाए रखना एक कठिन काम है। ऐसे में, बाजार की शक्तियां चाहती हैं कि सरकार कुछ खास उपाय अपनाए। राजस्व वृद्धि - अर्थव्यवस्था को तेजी देने के लिए सार्वजनिक खर्चे में बढ़ोत्तरी की जरूरत होगी। बढ़ते कर से निवेश का कोई महत्वपूर्ण जरिया सामने नहीं आने के कारण सरकार को निजीकरण और विनिवेश के माध्यम से संपत्ति को मुद्रीकरण करने की जरूरत बताई जा रही है।

सुधारों की बड़ी उम्मीदों और कर दरों में कमी के बीच सरकार के पास मौजूदा मंदी से निपटना और राजकोषीय संतुलन बनाए रखना एक कठिन काम है। ऐसे में, बाजार की शक्तियां चाहती हैं कि सरकार कुछ खास उपाय अपनाए। राजस्व वृद्धि - अर्थव्यवस्था को तेजी देने के लिए सार्वजनिक खर्चे में बढ़ोत्तरी की जरूरत होगी। बढ़ते कर से निवेश का कोई महत्वपूर्ण जरिया सामने नहीं आने के कारण सरकार को निजीकरण और विनिवेश के माध्यम से संपत्ति को मुद्रीकरण करने की जरूरत बताई जा रही है।

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