विचार

कौन हैं जेपी नड्डाः पटना में 1960 में जन्में जगत प्रकाश नड्डा ने बीए और एलएलबी की परीक्षा पटना से पास की थी और शुरु से ही वे एबीवीपी से जुड़े हुये थे। नड्डा जब 16 बरस के थे तो जेपी आंदोलन से जुड़ गए। लिहाजा, राजनीति का ककहरा मंझे राजनेताओं के दौर में सीखने को मिला। इसके बाद सीधे छात्र राजनीति से जुड़ गए। उनकी काबिलियत देखते हुए ही 1982 में उन्हें उनकी पैतृक जमीन हिमाचल में विद्यार्थी परिषद का प्रचारक बनाकर भेजा गया। वहां छात्रों के बीच नड्डा ने ऐसी लोकप्रियता हासिल कर ली थी कि उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश विवि के इतिहास में पहली बार एबीवीपी ने जीत हासिल की। (जेपी नड्डा, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की फाइल फोटो)

क्या हैं भाजपा के लिए दिल्ली हार के मायने, कहां फेल हो गई 'भगवा पार्टी'

भाजपा दिल्ली की सत्ता से पिछले 27 वर्षों से बाहर है और अब उसे अगली लड़ाई के लिए पांच साल के लिए इंतजार करना होगा। चुनाव में भाजपा को महज आठ सीटें मिली हैं वहीं आप को 63 सीटें मिली हैं। जो पिछले विधानसभा चुनाव से चार सीटें कम है। लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि भाजपा अपने लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी। जबकि लोकसभा चुनाव हुए महज छह महीने ही हुए हैं। लिहाजा भाजपा को भी सोचना होगा कि कहां पर उससे गलती हुई है।