
कासगंज। कहा जाता है कि जानवरों में इंसानों से ज्यादा वफादारी और समझदारी होती है। कुत्ता इस मामले में पहले नम्बर पर आता है। समय समय पर समाज में इसके उदाहरण आते रहते हैं। कुत्ते की समझदारी और वफादारी को एक बार फिर साबित करता हुआ ऐसा ही एक जीवंत मामला कासगंज में सामने आया है।
जन्म देते ही मर गई बंदर की मां
दरअसल, एक नवजात को जन्म देते ही बंदर की मां परलोक सिधार गई, उस बंदर के बच्चे का सहारा एक कुत्ता बना है। वह कुत्ता अब बंदर के नवजात बच्चे का सब कुछ बन गया है। उसके माता पिता की तरह उसका ख्याल रखता है। कुत्ते की पीठ पर चिपके बंदर के बच्चे को देखकर आप भी यही कहेंगे। बंदर का बच्चा बेफिक्री के साथ कुत्ते की पीठ से चिपका रहता है। उधर, कुत्ता भी पूरे दिन बंदर के बच्चे को पीठ पर लिए रहता है। कुत्ते और बंदर के बच्चे की जोड़ी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दिन भर गोल्डी के पीठ से चिपकी रहती है भूरी
जिले के सोरों में एक परिवार ने उस कुत्ते को पाल रखा है। गोल्डी नाम का यह कुत्ता वफादारी के साथ अपनी समझदारी भी दिखा रहा है। बंदर के बच्चे का नामकरण भी कर दिया गया है। उसका नाम भूरी रखा गया है। भूरी दिन भर गोल्डी की पीठ पर चिपकी रहती है और पूरे दिन दोनों मस्ती करते हैं। बंदर का बच्चा दिन भर कुत्ते के साथ ही उछल कूद करता रहता है। आलम यह है कि गोल्डी भी बंदर के बच्चे को मां-पिता की कमी का एहसास नहीं होने देता है।
गोल्डी और भूरी की दोस्ती की इलाके में है चर्चा
जिस परिवार ने गोल्डी को पाल रखा है। वही परिवार बंदर के बच्चे का भी ख्याल रख रहा है। बंदर के बच्चे को बोतल से दूध पिलाया जाता है। भूरी दिन भर गोल्डी के साथ मस्ती करती नजर आती है। पूरे इलाके में गोल्डी और भूरी की जोड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके दोस्ती के किस्से लोग एक दूसरे को सुना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर का बच्चा गोल्डी का साथ पल भर के लिए भी नहीं छोड़ता है। गोल्डी के पीठ पर लदे भूरी का यही वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है।
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