UPSC का कड़वा सच! IPS तेजस्वी सतपुते ने बताया वो राज़, जो हर aspirant को जानना चाहिए
IPS तेजस्वी सतपुते की प्रेरणादायक यात्रा, यूपीएससी की कठिन राह और पुलिसिंग करियर की चुनौतियां। जानिए कैसे उन्होंने संघर्षों को पार किया और बदलाव की मिसाल कायम की।
IPS तेजस्वी सतपुते की प्रेरणादायक यात्रा, यूपीएससी की कठिन राह और पुलिसिंग करियर की चुनौतियां। जानिए कैसे उन्होंने संघर्षों को पार किया और बदलाव की मिसाल कायम की।
IPS तेजस्वी सतपुते की कहानी सिर्फ़ वर्दी पहनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा सफर है जिसमें संघर्ष, असफलताएँ और अंततः सफलता शामिल है। उनका सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो UPSC के कठिन रास्ते पर चल रहे हैं।
महाराष्ट्र के परतवाड़ा में एक शांत रात थी, जब तेजस्वी सतपुते पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात थीं। रात के अंधेरे में अचानक उनके सरकारी क्वार्टर में 5-6 अनजान आकृतियाँ घुस आईं! लेकिन डर उनके लिए कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने हालात को समझदारी से संभाला और घुसपैठियों को भागने पर मजबूर कर दिया।
यह एक ऐसा अनुभव था जिसने उन्हें फिर से याद दिलाया कि उन्होंने खाकी पहनने का फैसला क्यों किया।
पश्चिमी महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर शेवगांव में जन्मी तेजस्वी एक साधारण परिवार से थीं। उनकी माँ एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका थीं और पिता पहले किसान थे, फिर उन्होंने एक छोटी दुकान शुरू की।
बचपन में उनका सपना था कि वह पायलट बनें। लेकिन कमजोर आंखों की रोशनी और चश्मा लगाने की मजबूरी ने इस सपने को तोड़ दिया। फिर उन्होंने पहले बायोटेक्नोलॉजी, फिर कानून और अंत में यूपीएससी का रास्ता चुना।
तेजस्वी ने पहली बार UPSC का नाम अपने LLB के पहले वर्ष में सुना। उनके कुछ सहपाठी इसकी तैयारी कर रहे थे और उन्होंने इस परीक्षा के बारे में गहराई से चर्चा करना शुरू किया। यही वह मोड़ था जब उन्होंने UPSC की तैयारी करने का निर्णय लिया।
पहली बार असफलता मिली – यह उनके लिए बहुत बड़ा झटका था।
मुंबई जाकर पूरी तरह पढ़ाई में डूब गईं – अपनी असफलता से सीखते हुए उन्होंने पूरी तरह से खुद को तैयारी के लिए समर्पित कर दिया।
समझदारी से वैकल्पिक विषय चुना – इतिहास और मराठी साहित्य को अपने विषयों के रूप में चुना।
2012 में UPSC पास किया और बनीं IPS अधिकारी – उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में IPS बनने का गौरव हासिल किया।
IPS बनने के बाद तेजस्वी ने कई चुनौतियों का सामना किया। पुणे में डीसीपी रहते हुए ‘बाइकर्स स्टंट’ पर लगाम लगाई – उन्होंने एक अनोखा प्रयोग किया, जिसमें दो बाइकर्स को अलग-अलग तरीकों से ट्रैफिक नियमों का पालन कर सफर करने के लिए कहा गया। परिणाम? नियम तोड़ने से कोई भी समय नहीं बचता। इससे लोगों की मानसिकता बदली।
परतवाड़ा में उनकी पहली पोस्टिंग में अपराध नियंत्रण की नई रणनीति अपनाई – एक बड़े आपराधिक इलाके में उन्होंने 500 घरों की अचानक तलाशी ली, जिससे अपराधियों में डर बैठ गया और कानून व्यवस्था बेहतर हुई।
IPS तेजस्वी सतपुते को पता है कि UPSC की तैयारी में कई कठिनाइयाँ आती हैं –
1. आर्थिक समस्याएं
2. मार्गदर्शन की कमी
3. बार-बार असफलता का डर
लेकिन वह इस सफर में हिम्मत न हारने की सलाह देती हैं। उनके अनुसार –"अगर आपका इरादा नेक है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो कोई भी आपको रोक नहीं सकता।"